द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार की 80वीं वर्षगांठ मनाने के लिए चीन की राजधानी बीजिंग में एक भव्य सैन्य परेड का आयोजन किया गया. चीन हर साल 3 सितंबर को ‘विजय दिवस’ मनाता है, और इस मौके पर परेड आयोजित कर दुनिया को अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करता है. इस साल की परेड में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ-साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन भी शामिल हुए. परेड के दौरान शी जिनपिंग ने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को करारा जवाब दिया.
चीन किसी की धमकी से नहीं डरने वाला
परेड में अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा कि “चीन किसी की धमकी से डरने वाला नहीं है, यह देश हमेशा आगे बढ़ता रहेगा.” ट्रम्प का नाम लिए बिना उन्होंने आगे कहा कि “इंसान एक ही ग्रह पर रहते हैं, हमें मिलकर काम करना चाहिए और शांति से रहना चाहिए.” उन्होंने कहा कि दुनिया को उस ‘जंगलराज’ में वापस नहीं लौटना चाहिए, जहां बड़े देश छोटे और कमजोर देशों को धमकी देते और धमकाते थे.
चीन हमेशा इतिहास के सही पक्ष में खड़ा रहेगा
जिनपिंग ने जोर देकर कहा कि आज दुनिया के पास एक बार फिर से शांति या युद्ध, संवाद या टकराव को चुनने का विकल्प है. उन्होंने कहा, “चीन हमेशा इतिहास के सही पक्ष में और मानव प्रगति के पक्ष में मजबूती से खड़ा रहेगा.” उन्होंने यह भी कहा कि चीन दुनिया के साथ मिलकर मानव जाति के साझा भविष्य के साथ एक समुदाय के निर्माण के लिए हाथ मिलाएगा.
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यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने व्यापार और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चीन और अन्य देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया हुआ है. क्या आपको लगता है कि जिनपिंग का यह बयान अमेरिका के लिए एक स्पष्ट संदेश है?
