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भारत के खिलाफ पाकिस्‍तान को महाविनाशक परमाणु हथियार बनाने में मदद कर रहा चीन, जानें क्‍या होते हैं WMD, कितना खतरा

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वॉशिंगटन/इस्लामाबाद/नई दिल्ली:

अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) की एक रिपोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा गया है कि सामूहिक विनाश के हथिया यानि वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रेक्शन यानि WMD बनाने में चीन, पाकिस्तान की मदद कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान, भारत को अपने लिए “अस्तित्वगत खतरा” मानता है और अपने सामरिक परमाणु हथियारों का लगातार डेवलपमेंट कर रहा है और उसमें चीन लगातार पाकिस्तान की मदद कर रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में जोर देकर कहा गया है कि पाकिस्तान मानता है कि वो पारंपरिक हथियारों में भारत का मुकाबला नहीं कर सकता है, लिहाजा भारत के सैन्य लाभ को कम करने के लिए वो युद्ध के मैदान में इस्तेमाल करने के लिए WMD हथियारों को डेवलप कर रहा है। अमेरिका की रक्षा खुफिया एजेंसी के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल जेफरी क्रूस ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की खुफिया और विशेष अभियानों पर सशस्त्र सेवा उपसमिति के लिए रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें पाकिस्तान के WMD हथियारों पर बड़ा खुलासा किया गया है।

उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि “पाकिस्तान के WMD कार्यक्रमों का समर्थन करने वाली विदेशी सामग्री और टेक्नोलॉजी मुख्य रूप से चीन के आपूर्तिकर्ताओं से हासिल की जाती है और कभी-कभी हांगकांग, सिंगापुर, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से भेजी जाती है।” उन्होंने “2025 Worldwide Threat Assessment” नाम के रिपोर्ट में कहा है कि “पाकिस्तान लगातार अपने परमाणु हथियार भंडार को मॉडर्न कर रहा है और वो विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और बिचौलियों के जरिए WMD परमाणु बमों के लिए सामान खरीदता है।” आपको बता दें कि स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने जून 2024 में रिपोर्ट दी थी कि भारत के परमाणु हथियार 2023 में 164 से बढ़कर 180 हो गए हैं। जबकि पाकिस्तान के परमाणु हथियार 170 हो चुके हैं।

वीपन्स ऑफ मास डिस्ट्रेक्शन यानि WMD हथियार क्या होते हैं?
वेपन्स ऑफ मास डिस्ट्रेक्शन यानि WMD हथियार बड़े पैमाने पर लोगों को मारने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे हथियारों के इस्तेमाल से लाखों की आबादी की तत्काल मौत हो सकती है। इसमें परमाणु, रासायनिक और जैविक हथियार आते हैं। हिरोशिमा और नागाशाकी का उदाहरण हमारे सामने है कि ऐसे हथियार किस तरह से तबाही मचा सकते हैं। लिहाजा पाकिस्तान का WMD हथियारों को डेवलप करना बहुत बड़ी चिंता की बात है। पाकिस्तान अपने ऐसे ही हथियारों की वजह से भारत से बार बार उलझने की हिम्मत करता है और चीन, भारत के खिलाफ पाकिस्तान को ऐसे हथियार बनाने में मदद देता है। परमाणु हथियारों के अलावा WMD हथियारों में रासायनिक हथियार भी आते हैं, जिसमें गहरीली गैसों का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे सरिन और मस्टर्ड गैस। इससे भी लाखों की संख्या में लोगों की मौत होने की आशंका बन जाती है।

WMD हथियारों में बायोलॉजिकल यानि जैविक हथियारों का इस्तेमाल हो सकता है। जिसमें वायरस, बैक्टीरिया या खतरनाक बीमारी फैलाने वाले दूसरे जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता है। लिहाजा ऐसे हथियारों का इस्तेमाल बहुत बड़ी तबाही मचा सकता है और किसी संघर्ष को वैश्विक आपदा में बदल सकता है। खासकर पाकिस्तान जैसे देश, जो लगातार अस्थिर आर्थिक और राजनीतिक हालात में फंसे रहते हैं, उन देशों के पास ऐसे हथियारों का होना काफी खतरनाक होता है। हमेशा एक आशंका बनी रहती है कि ऐसे विनाशक हथियार ऐसे तत्वों के हाथ लग सकते हैं, जो इसका विनाश फैलाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान, टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन (TNW) विकसित कर रहा है, जिसे सीमित युद्ध क्षेत्र में तैनात किया जा सकता है।

भारत-पाकिस्तान में परमाणु युद्ध का खतरा
भारत की तरह पाकिस्तान ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और ना ही वो परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह का सदस्य बना है। जबकि चीन, 1960 के दशक से ही पाकिस्तान को परमाणु हथियारों को डेवलप करने में मदद दे रहा है और माना जाता है कि परमाणु ईंधन पर रिसर्च से लेकर परमाणु वॉरहेड के डिजाइन, यूरेनियन संवर्धन और दोहरे इस्तेमाल किए जाने वाले टेक्नोलॉजी भी चीन ने पाकिस्तान को दी हैं। जिनके जरिए पाकिस्तान ने ऐसे हथियारों का निर्माण किया है। भारत के सैन्य योजनाकार भी लगातार पाकिस्तान के ऐसे हथियारों के निर्माण और उनके विस्तार पर नजर रखते हैं। और चूंकि सामरिक परमाणु हथियार ज्यादा पोर्टेबल और मोबाइल होते हैं, इसलिए अमेरिका, पाकिस्तान में आतंकियों के हाथों में ऐसे हथियारों के लगने की संभावना के बारे में चिंतित है।

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