10.7 C
London
Tuesday, April 28, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयबांग्लादेश में जुटे हमास, तालिबान और पाकिस्तान के कट्टरपंथी नेता, क्या भारत...

बांग्लादेश में जुटे हमास, तालिबान और पाकिस्तान के कट्टरपंथी नेता, क्या भारत के लिए खतरा बनेगी ये मीटिंग

Published on

नई दिल्ली,

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में ‘अल मर्कजुल इस्लामी’ ने एक धार्मिक आयोजन किया है. इस आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को गहरा कर दिया है. पड़ोसी मुल्क होने के नाते खासतौर पर भारत के लिए यह ज्यादा बड़ी चिंता की बात है. इस कार्यक्रम में हमास, तालिबान और पाकिस्तान के कई कट्टरपंथी इस्लामी नेताओं ने हिस्सा लिया और भाषण दिए, जो अल-कायदा से जुड़े थे. इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन क्यों किया गया, यह अभी साफ नहीं है लेकिन इसमें मुफ्ती शाहिदुल इस्लाम जैसे शख्स ने भी शिरकत की, जिसका आतंकवाद से गहरा नाता रहा है.

मुफ्ती शाहिदुल इस्लाम को 1999 में खुलना में एक अहमदिया मस्जिद पर बम हमले के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी. उसे बांग्लादेश में इस्लामी चरमपंथ के उदय में प्रमुख भूमिका निभाई. रिहाई के बाद वह अफगानिस्तान, पाकिस्तान और कुछ अफ्रीकी मुल्कों की यात्रा भी की, जहां उसने अल-कायदा से ट्रेनिंग हासिल की. आज भी जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के बीच उसकी पकड़ मजबूत है.

7 अक्टूबर को हुआ था आयोजन
7 अक्टूबर को ढाका में आयोजित इस कार्यक्रम में हमास के वरिष्ठ नेता जैसे शेख खालिद कुद्दिमी और शेख खालिद मिशाल की मौजूदगी देखी गई थी. इनके अलावा, पाकिस्तान के प्रभावशाली शख्स में शामिल शैखुल इस्लाम मुफ्ती तकी उस्मानी और मौलाना फजलुर रहमान ने भी कार्यक्रम में शिरकत की.

भारत के लिए बड़ी चिंता
यह आयोजन खासतौर से बांग्लादेश और उसके पड़ोसी देशों, जैसे कि भारत, के लिए एक संवेदनशील समय पर हुआ है. खुफिया जानकारी से पता चलता है कि आतंकवादी समूह बांग्लादेश में राजनीतिक उठापटक में बदलाव का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. ढाका में राजनीतिक समीकरण बदलते ही, कट्टरपंथी भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने या हमले की योजना बना सकते हैं.

दक्षिण एशियाई देशों के लिए सुरक्षा का खतरा
भारत की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा करने की आतंकी योजनाओं के खिलाफ मजबूत कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं. इस आयोजन में कट्टरपंथी इस्लामी विचारधाराओं पर जोर दिए जाने के कारण चिंता और भी बढ़ गई है, क्योंकि यह आतंकवादी समूहों के लिए एक मंच का काम कर सकता है, जो भारत और समूचे दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए गंभीर सुरक्षा खतरा पैदा कर सकता है.

Latest articles

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...

More like this

वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला, हमलावर पकड़ाया

चश्मदीद बोले- 7 राउंड फायरिंग हुई, गेस्ट टेबल के नीचे छिपे वॉशिंगटन। अमेरिका की राजधानी...

ईरान-अमेरिका वार्ता पर लगा ब्रेक, ट्रंप ने रद्द किया अपने डेलिगेशन का इस्लामाबाद दौरा

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान के साथ...