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अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के 200 मीटर दूर पहुंची हूतियों की मिसाइल, लाल सागर में मचा हड़कंप

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वॉशिंगटन

अमेरिकी नौसेना पिछले एक साल से यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए लाल सागर में अपने युद्धपोतों को तैनात किए हुए है। कई बार अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर बमबारी भी की है। हालांकि, इसका कोई बड़ा परिणाम देखने को नहीं मिला है। इस बीच खुलासा हुआ है कि हूतियों द्वारा दागी गई एक मिसाइल लाल सागर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस ड्वाइट डी आइजनहावर के 200 मीटर दूर तक पहुंच गई थी। अगर यह मिसाइल एयरक्राफ्ट कैरियर से टकरा जाती तो अमेरिकी नौसेना को भारी नुकसान होने की आशंका थी। इस खुलासे के बाद से हूतियों के बढ़ते ताकत की चर्चा की जा रही है।

अमेरिकी युद्धपोत के 200 मीटर दूर पहुंची मिसाइल
वाशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी के विश्लेषकों द्वारा वेस्ट पॉइंट के कॉम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर सेंटिनल जर्नल के अक्टूबर अंक में प्रकाशित एक लेख में खुलासा किया गया है कि पिछले जून में यूएसएस ड्वाइट डी. आइजनहावर सुपरकैरियर को निशाना बनाकर एक हूती मिसाइल एयरक्राफ्ट कैरिय से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर गिरी थी। लेख में कहा गया है, “कुछ अकाउंट्स के अनुसार, एक (एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल) या अन्य मिसाइल बहुत ही उथले प्रक्षेप पथ पर, न्यूनतम चेतावनी के साथ, अवरोधन के अवसर के बिना पहुंची और यूएसएस आइजनहावर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर गिर गई।”

हूतियों की बढ़ती ताकत से अमेरिका परेशान
लेख में लक्षित जहाजों पर लॉक बनाए रखने के लिए हूतियों के पास उपलब्ध उपकरणों और क्षमताओं का विश्लेषण किया गया है। “लक्ष्य जहाजों की नज़दीकी छाया प्राप्त करके… हूतियों ने अपनी लंबी दूरी की स्ट्राइक प्रणालियों की उड़ान-समय सीमा को कम कर दिया है (जो 300 किलोमीटर की उड़ान भरने वाले ड्रोन के लिए 100 मिनट से अधिक हो सकती है, जिस दौरान एक जहाज 75 किलोमीटर तक आगे बढ़ सकता है)। हूती मिसाइलों और ड्रोन में टर्मिनल गाइडेंस सिस्टम हो सकते हैं। इसमें एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों के लिए सेमी-एक्टिव रडार होमिंग और यूएवी में इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल कैमरे जैसी गाइडेंस प्रणाली इस्तेमाल करने की संभावना है।”

हमलों से कर रहे अमेरिका को परेशान
लेख में आगे कहा गया है, “व्यापक क्षेत्र की निगरानी, नज़दीकी लक्ष्य पर नजर रखने और टर्मिनल गाइडेंस के संयोजन ने हूतियों को हमले के कुछ प्रभावशाली कारनामे करने की अनुमति दी है, जैसे कि एक अमेरिकी विमानवाहक पोत पर स्पष्ट रूप से नज़दीकी चूक की घटना हुई थी। इस दौरान मिसाइल को लगभग 150 से 200 किमी दूर से लॉन्च किया गया था। लेख में कहा गया है कि आइजनहावर पर किया गया हमला दूसरा ऐसा मामला था, जब हूतियों की कोई मिसाइल अमेरिकी युद्धपोत के इतनी नजदीक पहुंची थी।

पहले भी अमेरिकी नौसेना को निशाना बना चुके हैं हूती विद्रोही
इससे पहले जनवरी 2024 में अमेरिकी नौसेना का यूएएस ग्रेवली गाइडेड मिसाइल विध्वंसक पर हमला हुआ था। उस समय हूतियों की मिसाइल अमेरिकी एयर डिफेंस के दो लेयर से आसानी से बच गई और जहाज के बेहद नजदीक तक पहुंच गई। हालांकि, इस दौरान जहाज में लगे क्लोज इन वेपन सिस्टम ने हूतियों की उस मिसाइल को मार गिराया। अमेरिकी नौसेना पर आरोप लग रहे हैं कि उसके नौसैनिक और कमांडर बेहद बेपरवाही से काम कर रहे हैं, हालांकि नौसेना ने ऐसे आरोपों को खारिज किया है।

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