प्राग
अमेरिका में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या कराने की नाकाम कोशिश में शामिल होने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है। 52 वर्षीय गुप्ता को पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अमेरिका के अनुरोध पर चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था। चेक गणराज्य ने गुप्ता को प्रत्यर्पित किए जाने की पुष्टि की है। न्याय विभाग ने इस बारे में जानकारी दी है। अमेरिका के संघीय अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि निखिल गुप्ता ने भारत सरकार के एक अधिकारी के साथ मिलकर खालिस्तान समर्थक आतंकवादी पन्नू को अमेरिकी धरती पर मारने की साजिश रची थी, जिसे नाकाम कर दिया गया। गुप्ता जून 2023 में भारत से प्राग गया, जहां चेक अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
14 जून को भेजा गया अमेरिका
अमेरिका ने चेक गणराज्य से प्रत्यर्पण की मांग की लेकिन इसके खिलाफ गुप्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसी साल मई में चेक की अदालत ने निखिल गुप्ता की याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद देश के न्याय मंत्री के लिए उन्हें प्रत्यर्पित करने का रास्ता साफ हो गया। 3 जून 2024 को चेक गणराज्य ने गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने की मंजूरी दी। चेक गणराज्य के न्याय विभाग ने बताया कि शुक्रवार 14 जून को निखिल गुप्ता को हवाई जहाज से अमेरिका ले जाया गया।
अभी कहां हैं निखिल गुप्ता?
अमेरिकी के संघीय कारागार की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, इस समय गुप्ता को ब्रुकलिन के एक मेट्रोपोलिटन हिरासत केंद्र में रखा गया है। यह एक केंद्रीय हिरासत केंद्र है। अमेरिका के न्याय विभाग ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
रिश्तों पर कैसे पड़ रहा असर?
उत्तर अमेरिकी महाद्वीप के दो बड़े देशों अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकियों की हत्या की योजना के खुलासे ने भारत के साथ इन देशों के संबंधों पर असर डाला है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही हत्या की साजिश में होने के आरोपों से इनकार किया है। बीते साल कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने के ‘विश्वसनीय सबूत’ हैं। भारत ने आरोपों को बेबुनियाद और प्रेरित बताया था और कनाडा से देश में भारत विरोधी चरमपंथियों को संरक्षण न देने की मांग की थी। आरोप-प्रत्यारोप के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंधों में कड़वाहट बनी हुई है। वहीं, अमेरिका ने आरोप लगाने के बाद मामले को अधिक नहीं उछाला और कूटनीतिक चैनल से इस पर बात जारी रखी है।
