तेल अवीव
इजरायल की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने गाजा में ड्रोन हमलों में भूमिका के लिए दो अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। सेना ने तीन अन्य अधिकारियों को इस संबंध में चेतावनी दी है। इन हमलों में खाद्य सामग्री पहुंचाने के अभियान में शामिल सात सहायता कर्मियों की मौत हो गई थी। सेना ने कहा कि इन अधिकारियों ने गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग किया और सेना के नियमों का उल्लंघन किया था। फलस्तीनियों, सहायता समूहों और मानवाधिकार संगठनों ने कई बार इजरायली बलों पर नागरिकों पर लापरवाही से गोलीबारी करने का आरोप लगाया है और इजरायल इस आरोप से इनकार करता रहा है।
इजरायली सेना ने क्या कहा
सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने संवाददाताओं से कहा, ”यह एक त्रासदी है।” उन्होंने कहा, ”यह एक गंभीर घटना है जिसके लिए हम जिम्मेदार हैं और ऐसा नहीं होना चाहिए था और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा दोबारा न हो।” सेना के अधिकारियों ने कहा कि इजरायली सेना के नियमों के अनुसार, लक्ष्य पर हमला करने से पहले उसकी खतरे के रूप में पहचान की जानी चाहिए।
कर्नल और मेजर हुए बर्खास्त
सेना ने कहा कि कर्नल और मेजर को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। इसने कहा कि जांच के नतीजे सेना के ‘एडवोकेट जनरल’ को सौंप दिए गए हैं, जो यह तय करेंगे कि हत्याओं में शामिल अधिकारियों या किसी अन्य को सजा मिलनी चाहिए या मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय आक्रोश को शांत करने की कोशिश
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ‘वर्ल्ड सेंट्रल किचन’ के कर्मचारियों की मौत को लेकर क्या इस मामले में अब की गई कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय आक्रोश शांत होगा या नहीं। ‘वर्ल्ड सेंट्रल किचन’ एक गैर-लाभकारी और गैर-सरकारी संगठन है जो भोजन सामग्री प्रदान करता है। इस संगठन ने एक बयान में कहा, ”वह इजरायल की जांच को एक महत्वपूर्ण कदम मानता है लेकिन इसमें प्रणालीगत बदलाव की जरूरत है।” उधर, अपने नागरिकों की मौत पर कई देशों ने इजरायली राजदूतों को तलब किया है।
