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भारत के दुश्‍मन की मदद क्‍यों करने जा रहा दोस्‍त रूस, पाकिस्तान पर पुतिन की मेहरबानी से बढ़ेगी टेंशन

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मॉस्को

भारत के दोस्त देश रूस ने पाकिस्तान के साथ एक आधुनिक स्टील प्लांट के निर्माण के लिए समझौते को अंतिम रूप दिया है। यह समझौता 2015 में बंद पड़े सोवियत निर्मित स्टील प्लांट को फिर से जीवित करेगा। पाकिस्तानी अधिकारियों और रूसी प्रतिनिधि डेनिस नजरूफ ने इस समझौते की पुष्टि की है। इस परियोजना का उद्देश्य पाकिस्तान के वार्षिक स्टील आयात को 30% तक कम करना है, जिससे 11.2 मिलियन मीट्रिक टन खपत अंतर से जुड़े 2.6 बिलियन डॉलर के आयात बिल में कमी आएगी।

पाकिस्तान की नाकाबिलियत से डूब गई थी कंपनी
नई मिल मूल 19,000 एकड़ के पाकिस्तान स्टील मिल्स (PSM) साइट के 700 एकड़ पर कब्जा करेगी, जो 1.4 बिलियन टन अनुमानित घरेलू लौह अयस्क भंडार को संसाधित करने के लिए मौजूदा बंदरगाह बुनियादी ढांचे का लाभ उठाएगी। सोवियत तकनीकी सहायता से 1973 में स्थापित PSM ने कभी 1.1 मिलियन टन सालाना उत्पादन किया था, लेकिन कुप्रबंधन और पुरानी मशीनरी के कारण 2.14 बिलियन डॉलर के घाटे में चली गई।

रूसी तकनीक से होगा पुनरुद्धार
इस पुनरुद्धार योजना में उन्नत इस्पात निर्माण प्रौद्योगिकी में रूसी विशेषज्ञता शामिल है, जिससे आयातित स्क्रैप और अर्ध-तैयार उत्पादों पर निर्भरता कम होगी, जिसकी लागत अकेले मार्च 2025 में पाकिस्तान को 324 मिलियन डॉलर थी। एक संयुक्त कार्य समूह वित्तपोषण की देखरेख करेगा, जिसमें पाकिस्तान अपनी 1.1 बिलियन डॉलर की देनदारियों की भरपाई के लिए PSM की 11 बिलियन डॉलर की संपत्ति से संपत्ति बेचने पर विचार कर रहा है।

पाकिस्तान-रूस में बढ़ रही नजदीकी
पाकिस्तान और रूस पिछले कई वर्षों से एक दूसरे के नजदीक आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच एक गैस पाइपलाइन बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इसके अलावा दोनों देशों ने 2023 में कच्चे तेल को लेकर एक समझौता भी किया था। इस समझौते के तहत पाकिस्तान को सस्ते दाम पर तेल की सप्लाई की जानी है। इसके अलावा पाकिस्तान और रूस के बीच सीधी समुद्री कार्गो सेवा की भी शुरूआत की गई है।

भारत की बढ़ेगी टेंशन
रूस भारत का करीबी दोस्त है, वहीं पाकिस्तान कट्टर दुश्मन। ऐसे में अगर दोस्त और दुश्मन में संबंध सुधरते हैं तो यह भारत के लिए करारा झटका होगा। हाल में ही पहलगाम हमले के बाद रूस के बर्ताव ने भारत को परेशान कर दिया था। यह पहला मौका था, जब रूस ने भारत का खुलकर साथ देने की जगह शांति की अपील की थी। इससे पहले तक रूस हमेशा भारत के पक्ष में खड़ा दिखता था। रूस ने पहले भी कई बार कहा है कि पाकिस्तान और भारत से उसके संबंध अलग-अगल हैं और इन्हें आपस में जोड़कर नहीं देखना चाहिए।

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