भोपाल ।
रसूख के चलते राजधानी भोपाल में सरकारी जमीन पर कब्जा करना आम बात हो गई हैं । बड़ी बात यह है कि जब ऐसे मामलों की शिकायत आला अफसरों को की जाती है तो वह भी रसूख के चलते कार्यवाही करने के बजाय मूक दर्शक बने हुये हैं । इसके चलते भू—माफिया बेखौफ दिखाई दे रहे हैं । ऐसा ही एक सनसनी खेज मामला कोलार तहसील की जाटखेड़ी का सामने आया है । हाईकोर्ट में दाखिल एक याचिका में चाचिकाकर्ता नरेन्द्र सिंह का कहना है कि जाटखेड़ी के खसरा नंबर 160/104 रकबा 0.607 जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने कब्जा करते हुये एक आलीशान मैरिज गार्डन बना डाला । यह गार्डन आज भी वैवाहिक व अन्य आयोजनों के लिये इस्तेमाल किया जा रहा है । श्री सिंह का कहना है कि यह नगरीय सरकारी जमीन है जो चरोखर निस्तार हेतु खसरे में आरक्षित है । इस जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने न केवल मैरिज गार्डन बनाया बल्कि इसका व्यवसायिक उपयोग भी किया जा रहा है । ऐसे भी नहीं कि इसकी शिकायत के बाद कलेक्टर भोपाल ने इसे सील कर दिया था लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों ने ताला तोड़कर फिर से निमार्ण कार्य शुरू कर मैरिज गार्डन बना डाला ।
खास बात यह है कि इससे लगी हुई शासकीय जमीन तलाई है यहां गांव के लोग नवरात्रि पर ज्वारे विसर्जन करते हैं । सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने से उक्त वर्णित भूमि पर कब्जा करने से तलाई तक पहुंचने का मार्ग बंद हो गया है । श्री सिंह का कहना है कि अब कई बार शिकायत करने के बाद भी जिला प्रशासन रसूखदार लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है । इसी के चलते मैंने माननीय उच्चय न्यायालय जबलपुर में एक जनहित याचिका डब्ल्यूपी नंबर 4583 आफ 2024 प्रस्तुत की है इस याचिका में 18 फरवरी 2025 को माननीय न्यायालय ने सरकार को आदेशित किया है कि वह 3 सप्ताह के भीतर न्यायालय को जवाब प्रस्तुत करें । इतना सब कुछ होने के बाद भी भू—माफियाओं के होंसले इतने बुलंब है कि नजूल की निस्तार के लिये आरक्षित जमीन पर मैरिज गार्डन का संचालन कर रहे हैं । इसकी शिकायत जिला कलेक्टर भोपाल को भी की गई है ।
Read Also :- टी-20 वर्ल्ड कप: भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब जीता
