अयोध्या ।
अयोध्या में भव्य राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा के 673 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने ध्वजारोहण किया। रविवार सुबह मंदिर के गर्भगृह से 2 किलोमीटर दूर स्थित 161 फीट ऊंचे शिखर पर केसरी ध्वज फहराया गया। यह पहला अवसर था जब मंदिर के शिखर पर औपचारिक ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अयोध्या में आस्था के साथ आदर्श और आचरण भी बदल रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति, धर्म और मर्यादा की पहचान बताया।
Read Also: मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट ने आगामी 1 दिसंबर से शीतकालीन सत्र शुरू
पीएम ने यह भी कहा कि राम मंदिर राष्ट्र के विश्वास, ऊर्जा और नए युग का प्रतीक बनेगा। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भावुक होते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन में जिन्होंने अपना जीवन और योगदान दिया, आज उनकी आत्मा तृप्त हुई होगी। उन्होंने इसे युगांतरकारी क्षण बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अयोध्या अब दुनिया के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई धारा दी है। मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा शहर उत्सव के रंग में रंगा दिखाई दिया।
