नई दिल्ली।
वर्षों से लंबित श्रम संहिताओं को लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया कदम देश के करोड़ों श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक जीत साबित हुआ है। नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (NFITU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात की। इस मुलाकात में श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई। NFITU ने सरकार के उस निर्णय का स्वागत किया जिसके तहत चारों श्रम संहिताओं को लागू किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। संगठन ने कहा कि नई श्रम संहिताएँ न्यूनतम मजदूरी की बाध्यता,महिलाओं के लिए समान वेतन,युवाओं को नियुक्ति पत्र की अनिवार्यता,सामाजिक सुरक्षा का व्यापक विस्तार,सुरक्षित कार्य-परिस्थितियाँ,और विवाद निवारण की सरल प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों के साथ श्रमिकों के जीवन में बड़े बदलाव लाएँगी।
Read Also: प्रदेश के संविदा कर्मचारियों ने घन्टी–थाली बजाकर नियमितीकरण की मांग उठाई
ये संहिताएँ लाखों श्रमिकों के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करेंगी। NFITU ने विशेष तौर पर ESIC और EPFO का कवरेज बढ़ाने, असंगठित क्षेत्र, गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म श्रमिकों और माइक्रो एंटरप्राइज श्रमिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा, पेंशन और भविष्य निधि से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, ई-श्रम पोर्टल से जुड़े श्रमिकों को चरणबद्ध तरीके से ESIC और EPFO लाभों में सम्मिलित करने का सुझाव भी रखा गया। बैठक में मंत्री डॉ. मांडविया ने NFITU के सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए विभागीय स्तर पर त्वरित परीक्षण और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। NFITU ने कहा कि संगठन श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा विस्तार और रोजगार सृजन के क्षेत्र में सरकार के साथ मिलकर रचनात्मक सहयोग जारी रखेगा। उक्त जानकारी NFITU के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विराट जायसवाल द्वारा साझा की गई।
