नई दिल्ली,
भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी से ड्रोन अटैक के बीच 23 लोगों को रेस्क्यू किया है. ड्रोन हमले से मर्चेंट शिप में आग लग गई थी. इसपर 13 भारतीय नागरिक भी सवार थे. नौसेना ने बताया कि लाइबेरियाई जहाज MSCSkyII पर 4 मार्च को हमला हुआ था, जिसके बाद नौसेना की एक टीम रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंची.
भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा कि जानकारी मिलने के बाद समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए क्षेत्र में तैनात मिशन आईएनएस कोलकाता ने तुरंत रिस्पॉन्स किया और रात 10.30 बजे तक घटनास्थल पर नौसेना टीम पहुंच गई थी.नौसेना की तरफ से बयान में कहा गया है कि आईएनएस कोलकाता के 12 कर्मियों की एक स्पेशल फायरफाइटिंग टीम आग बुझाने की कोशिशों में मदद के लिए 5 मार्च की सुबह दुर्घटनाग्रस्त लाइबेरियाई जहाज पर चढ़ी और आग बुझाने में मदद की.
जहाज पर 13 भारतीय नागरिक सवार थे
स्पेशल ईओडी टीम ने जहाज पर सवार लोगों को रेस्क्यू किया और आईएनएस कोलकाता में लेकर भारतीय तट पर पहुंचे. भारतीय नौसेना के मुताबिक, जहाज पर 23 कर्मियों की एक टीम थी, जो ड्रोन हमले की चपेट में आ गया था. इसमें 13 भारतीय नागरिक थे. नौसेना ने बताया कि सभी को सुरक्षित रूप से भारत लाया गया है.
ईरान समर्थित हूती कर रहा समुद्र में ड्रोन-मिसाइल हमले
इजरायल-गाजा के बीच जारी युद्ध में कुछ बाहरी ताकतें भी समर्थन कर रही है. मसलन, यमन से ईरन समर्थित हूती लगातार समुद्री क्षेत्रों में ड्रोन-मिसाइल हमले कर रहे हैं. युद्ध के बीच अदन की खाड़ी से लेकर लाल सागर तक में ड्रोन हमले किए गए हैं. सोमवार का हमला भी वैश्विक स्तर पर बढ़ रही चिंताओं के बीच आया है, जहां लाल सागर में हूतियों द्वारा कई जहाजों को निशाना बनाया गया है.
