नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों के फैसलों के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। दरअसल इन दोनों राज्यों की सरकारों ने रमजान के महीने के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को दफ्तर से एक घंटा पहले निकलने की अनुमति दी थी। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह अपनी शिकायत संबंधित हाई कोर्ट में ले जाएं।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि याचिका में दोनों सरकारों के परिपत्रों को चुनौती दी गई है। पीठ ने कहा, ‘कृपया उच्च न्यायालय जाएं।’ पीठ की ओर से याचिका की जांच करने में अनिच्छा दिखाने के बाद शंकरनारायणन ने संबंधित उच्च न्यायालयों में जाने की स्वतंत्रता के साथ याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने कहा, ‘याचिकाकर्ता के वकील संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत संबंधित उच्च न्यायालयों में जाने की स्वतंत्रता के साथ वर्तमान याचिका वापस लेने की अनुमति चाहते हैं।’ इसने याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत लेकर उच्च न्यायालय जाने की स्वतंत्रता प्रदान की।
क्या है मामला?
तेलंगाना सरकार ने एक परिपत्र जारी कर मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी। इसी प्रकार, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने भी रमजान के दौरान 2 मार्च से 30 मार्च तक आंध्र प्रदेश में सभी मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दी। इन दोनों राज्यों के इस फैसले के बाद देश का सियासी पारा चढ़ गया था।
