नई दिल्ली,
सुप्रीम कोर्ट ने अदालत के आदेशों का पालन नहीं करने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है. दरअसल अदालत ने 2018 की पॉलिसी का हवाला देकर कुछ कैदियों की समयपूर्व रिहाई के आदेश दिए थे, जिसका अदालत ने पालन नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी डीजीपी से कहा है कि वह हलफनामा दायर कर बताए कि कुछ कैदियों की समयपूर्व रिहाई पर विचार करने के अदालत के 2022 के फैसले का पालन नहीं करने को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए?
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने यूपी स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को भी नोटिस जारी किया है. सीजेआई ने कहा है कि हम स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से सभी जेलों का दौरा करने को कहेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि अदालत के उस फैसले का कितना पालन हुआ है. अदालत ने तीन हफ्ते के भीतर डीजीपी से हलफनामा दायर कर जवाब देने को कहाहै.
अदालत ने 50 कैदियों की सजा माफ करने की माफी याचिकाओं पर विचार करने का निर्देश दिया था, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. इन 50 दोषियों की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता प्रतीक राय ने कहा कि माफी याचिका दायर करने वाले ये 50 कैदियों पर प्रशासन ने अभी तक कोई विचार नहीं किया. इसके बाद सीजेआई ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि यूपी सरकार हमारे आदेशों का पालन नहीं कर रही है.
