नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रही पार्टियों के बीच पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने इंडियन एक्सप्रेस से अपनी पार्टी के प्रचार अभियान, इंडिया ब्लॉक की संभावनाओं और अन्य मुद्दों पर बात की।पी. चिंदबरम से जब पूछा गया कि अब चुनाव सामप्त हो चुके हैं तो आप इस पूरे अभियान और मुद्दों को कैसे देखते हैं? इस सवाल के जवाब में चिंदबरम ने कहा कि भाजपा के अभियान की पहचान प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं द्वारा 21 अप्रैल के बाद लगातार दिए गए भाषणों से हुई, जिसमें मुसलमानों के खिलाफ नफरत और विभाजनकारी भावना फैलाई गई।
उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक अभियान की पहचान संविधान को बचाने, लोकतंत्र को बचाने और आरक्षण सहित अनुसूचित जातियों/जनजातियों और पिछड़ों के कठिन परिश्रम से प्राप्त अधिकारों को बचाने पर केंद्रित थी।
आपने अभियान को परिभाषित करने वाले व्यापक भाषणों को रेखांकित किया है। लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर आपकी क्या अपेक्षाएं हैं? इसको लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर ध्रुवीकरण की कोशिशें सफल हो जाती हैं तो यह दुख की बात होगी। वहीं दूसरी ओर, अगर संविधान और लोकतंत्र को बचाने की कोशिशें सफल हो जाती हैं तो यह बड़ी राहत की बात होगी।
एग्जिट पोल में भाजपा की शानदार जीत की भविष्यवाणी की गई है? इसको लेकर पी चिदंबरम ने कहा कि मैं एग्जिट पोल पर टिप्पणी नहीं करता। मुझे 2004 के एग्जिट पोल याद हैं।
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भविष्यवाणी की है कि गठबंधन को 295 सीटें मिलेंगी? क्या आप इस पर भरोसा करते हैं? इस सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि मैं बैठक में मौजूद नहीं था। कांग्रेस अध्यक्ष ने (एनसीपी-एसपी प्रमुख) शरद पवार, (एसपी प्रमुख) अखिलेश यादव और (आरजेडी नेता) तेजस्वी यादव जैसे नेताओं के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद… अगर उन्होंने यह बयान दिया है, तो मैं एक कांग्रेसी के तौर पर… इसे स्वीकार करता हूं।
आपका वास्तविक आकलन क्या है? क्या कांग्रेस इस बार तीन अंकों का आंकड़ा छू पाएगी? इस सवाल पर कांग्रेस के दिग्गज नेता ने कहा कि मैं कोई आकलन नहीं करता। मैं इससे ज़्यादा या कुछ और नहीं कह सकता। कांग्रेस अध्यक्ष ने जो कहा, वह इंडिया ब्लॉक नेताओं की बैठक के बाद बनी आम सहमति है। एक कांग्रेसी के तौर पर मैं उस आम सहमति को स्वीकार करता हूं।’
