29.2 C
London
Saturday, May 23, 2026
Homeराज्ययूपी में 47 साल बाद बसेगा NOIDA जैसा शहर, 5 हजार करोड़...

यूपी में 47 साल बाद बसेगा NOIDA जैसा शहर, 5 हजार करोड़ की लागत से BIDA के गठन को योगी सरकार की मंजूरी

Published on

लखनऊ

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) की तर्ज पर बुंदेलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के गठन की अधिसूचना को मंगलवार को मंजूरी दे दी। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया,“ उत्तर प्रदेश में इससे पहले 1976 में नोएडा नाम से एक नए शहर के गठन का निर्णय लिया गया था। अब 47 वर्षों के बाद एक और नए नगर की स्थापना का फैसला किया गया है। झांसी जिले के 33 गांवों को शामिल करके बीडा का गठन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक निर्णय से बुन्देलखण्ड के बहुआयामी विकास को रफ्तार मिलेगी।”

प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यहां मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये इस अहम फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में झांसी के 33 गांवों को शामिल करते हुए बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के गठन के लिये पेश अधिसूचना के आलेख को अनुमोदित कर दिया गया है। उन्होंने बताया, “ 2022-23 के अनुपूरक बजट में ‘मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण/नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना’ के तहत बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के गठन के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत झांसी में बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा नोएडा की तर्ज पर एक नई औद्योगिक टाउनशिप विकसित की जाएगी।”

वित्त मंत्री ने बताया, “ बीडा का मुख्यालय झांसी में होगा। इस विकास प्राधिकरण की योजना अन्तरराष्ट्रीय स्तर की औद्योगिक टाउनशिप के तौर पर विकसित करने के हिसाब से बनायी जाएगी। इसी क्षेत्र में एक हवाई अड्डे का निर्माण भी प्रस्तावित है।” खन्ना ने बताया कि प्रस्तावित नयी औद्योगिक टाउनशिप के जरिये उद्योगों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थाओं, अन्य सेक्टर से सम्बन्धित संस्थाओं के विकास, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं आवासीय परिसर के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा और प्रस्तावित नए शहर को विश्व स्तरीय नियोजन और अवस्थापना सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बीडा द्वारा पहले चरण में झांसी-ग्वालियर मार्ग और झांसी-बबीना-ललितपुर रोड के बीच पड़ने वाले 33 गांवों की जमीन अधिग्रहीत कर उस पर औद्योगिक टाउनशिप स्थापित की जाएगी। उनके मुताबिक, इन 33 गांवों में लगभग 35,000 एकड़ जमीन उपलब्ध है। झांसी के जिलाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव के मुताबिक, सभी गांवों की निजी भूमि की सर्किल दर का चार गुना एवं परिसम्पत्तियों का अनुमानित मूल्यांकन लगभग 6,312 करोड़ रुपये है। खन्ना ने कहा, “बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण गठित होने पर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा और जन सामान्य को क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे जन सामान्य को प्रत्यक्ष लाभ होगा।”

Latest articles

मप्र भीषण गर्मी के चपेट में, 42 जिलों में लू का अलर्ट, नौगांव-खजुराहो प्रदेश के सबसे गर्म

भोपाल। नौतपा शुरू होने में अभी दो दिन बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही...

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हडको ने एमपी टाइगर फाउंडेशन को सौंपे 20 मोटरसाइकिल एवं 1 रेस्क्यू ट्रक

भोपाल। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन...

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत : CM विष्णु देव साय

रायपुर। विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता...

More like this

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत : CM विष्णु देव साय

रायपुर। विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किए बांसिया में संत गोविंद गुरु की धूणी के दर्शन

राजस्थान। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने डूंगरपुर दौरे के दौरान बांसिया स्थित...

डूंगरपुर में सीए भजनलाल शर्मा की मॉर्निंग वॉक, ग्रामीणों से संवाद और बैडमिंटन खेलकर जीता दिल

राजस्थान। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार सुबह डूंगरपुर जिले के ऐतिहासिक गांव धम्बोला...