10.3 C
London
Tuesday, March 17, 2026
Homeराज्यपहलगाम को लेकर आया एक कड़ा फैसला, जाने वाले पर्यटक जरूर पढ़...

पहलगाम को लेकर आया एक कड़ा फैसला, जाने वाले पर्यटक जरूर पढ़ लें वरना उदासी के साथ लौटेंगे वापस

Published on

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भयानक आतंकी हमले होने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए पूरे इलाके में ट्रेकिंग (पैदल सफर) पर रोक लगा दी है। ये फैसला पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

हमला साउथ कश्मीर के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट बाइसरण में हुआ, जिसे “मिनी स्विट्ज़रलैंड” भी कहा जाता है। आतंकियों ने वहां घूमने आए लोगों के एक ग्रुप पर गोलीबारी की, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई – जिनमें 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक शामिल थे। इस हमले के बाद इलाके में डर और अफरातफरी फैल गई, और कई पर्यटक वहां से लौटने लगे। अभी वहां टूरिस्ट जाने से डर रहे हैं और जो जा भी रहे हैं, उनको लेकर भी कई नियम निकाले जा रहे हैं। बता दें, वन विभाग ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सभी ट्रेकिंग रूट्स को बंद करने का आदेश दिया है। अगर आप यहां आने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो पहले पूरी जानकारी पढ़ लें।

क्या है ये फैसला?
हाल ही में हुई दुखद घटना के बाद, जम्मू-कश्मीर वन विभाग ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सभी ट्रेकिंग रूट्स को बंद करने का आदेश दिया है। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें छोटे और लंबे, दोनों तरह के ट्रेक शामिल हैं, खासकर जो जंगलों के भीतर जाते हैं। पुलिस को कहा गया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रेकिंग रूट्स की लिस्ट बनाएं ताकि इस आदेश को सही तरीके से लागू किया जा सके।
कश्मीर में ट्रेकिंग का सीजन आमतौर पर मई से सितंबर तक चलता है और बड़ी संख्या में एडवेंचर प्रेमी यहां आते हैं। लेकिन हाल की घटनाओं को देखते हुए सरकार ने कहा कि जब तक सुरक्षा स्थिति की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक ट्रेकिंग पर रोक जारी रहेगी।

बॉर्डर सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं
टीओआई के मुताबिक, हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि हमला “कश्मीर रेसिस्टेंस” नाम के एक ग्रुप ने किया था, जिन्होंने पर्यटकों को निशाना बनाया ताकि बाहरी लोगों का आना रोका जा सके। भारत ने इसके जवाब में कड़े कदम उठाए हैं – जैसे पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को सस्पेंड करना और यात्रा पर कुछ पाबंदियां लगाना। इससे पता चलता है कि हालात कितने गंभीर हैं और सरकार इस मुद्दे को सख्ती से निपटाने के मूड में है।

पर्यटन शुरू करने के लिए योजना बनानी जरूरी
अभी पूरा ध्यान स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा पर है, लेकिन लंबी अवधि के लिए कश्मीर को फिर से सुरक्षित पर्यटन स्थल बनाने के लिए मजबूत योजना बनानी जरूरी है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करना, स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना और कई खास परियोजनाओं के जरिए पर्यटन उद्योग को फिर से शुरू करना शामिल है। फिलहाल, ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है ताकि कोई अनहोनी न हो और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की सही तरीके से जांच की जा सके।

Latest articles

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

हमीदिया अस्पताल फायरिंग: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, घायल हिस्ट्रीशीटर के साथ पहुंचे जवान भी थे निहत्थे

भोपाल हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस...

मप्र में पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू, एसबीआई बनेगा एग्रीगेटर बैंक

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते...

ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा 2026: स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...