12.8 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराज्य'ऑपरेशन सिंदूर' वाले सांसदों के दल में शामिल होंगे अभिषेक बनर्जी, ममता...

‘ऑपरेशन सिंदूर’ वाले सांसदों के दल में शामिल होंगे अभिषेक बनर्जी, ममता बनर्जी ने बढ़ाया भतीजे का नाम

Published on

कोलकाता

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सेना के पराक्रम और आतंकियों के खिलाफ भारत की नई पॉलिसी के बारे में दुनिया के देशों में जाने वाले सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में टीएमसी भी शामिल हो गई है। मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी को प्रतिनिधिमंडल में शामिल करने का प्रस्ताव दिया, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया। पहले सरकार ने टीएमसी की ओर से सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और युसूफ पठान को शामिल किया था, मगर दोनों ने अलग-अलग वजहों से अपना नाम वापस ले लिया।

22 मई से होगी सांसदों की यात्रा
केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ संदेश पहुंचाने के लिए 51 सांसदों और 8 पूर्व राजनयिकों के 7 प्रतिनिधिमंडल को अलग-अलग देशों में भेज रही है। 22 मई के बाद हर प्रतिनिधिमंडल चार-पांच देशों का दौरा करेगा और आतंकवाद के मुद्दे पर जीरो टालरेंस पॉलिसी के बारे में भारत का पक्ष रखेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में डीएमके, टीएमसी, कांग्रेस, मुस्लीम लीग समेत विपक्ष के अधिकतर दलों के सांसद हैं। सरकार ने जब प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसदों का ऐलान किया, तब कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई। कांग्रेस पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के नाम पर असहज थी।

सुदीप और युसूफ पठान ने किया था मना
तृणमूल कांग्रेस ने भी पार्टी के इजाजत के बिना सांसदों को शामिल करने पर ऐतराज जताया था। पहले बयान में कहा गया कि विदेश नीति केंद्र सरकार का मामला है। टीएमसी ने आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है, इसलिए सरकार को यह जिम्मेदारी खुद संभालना चाहिए। इसके तुरंत बाद टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने स्वास्थ्य कारणों से खुद को प्रतिनिधिमंडल से अलग कर लिया। इसके बाद टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने भी अपना नाम वापस ले लिया। बीजेपी की आलोचना के बाद ममता बनर्जी पार्टी का पक्ष रखने सामने आईं।

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर साधा था निशाना
ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार को नाम तय करने से पहले टीएमसी से राय लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। संसदीय पार्टी संसदीय सत्रों के लिए काम करती है। वे नीतिगत फैसले नहीं ले सकते। इसके अगले दिन उन्होंने सांसद अभिषेक बनर्जी का नाम आगे बढ़ाया। एक्स पर पोस्ट में टीएमसी ने लिखा है कि ऐसे समय में जब दुनिया को आतंकवाद के बढ़ते खतरे का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए, अभिषेक बनर्जी का संसदीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होना दृढ़ विश्वास और स्पष्टता दोनों लाता है।

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...

अहमदाबाद में ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट आयोजित, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को दिया राजस्थान में निवेश का आमंत्रण

अहमदाबाद। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहमदाबाद में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट में...