जयपुर,
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की है. राजस्थान के विभिन्न विभागों में सरकारी भर्ती के लिए आयोजित किया जाने वाला कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) स्कोर की वैलिडिटी बढ़ाने का फैसला लिया है. इससे लाखों युवाओं को फायदा मिलेगा.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई थी, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए. बैठक में सामान्य पात्रता परीक्षा यानी CET स्कोर की वैलिडिटी पर भी फैसला लिया गया है. अब सीईटी एग्जाम पास की मान्यता तीन साल तक रहेगी. इससे पहले यह केवल एक साल तक ही मान्य थी. अब अगर कोई छात्र सीईटी एग्जाम पास करेगा तो वह तीन साल तक सरकारी भर्तियों के लिए आवेदन कर सकेगा. उसे फिर से एग्जाम देने की जरूरत नहीं होगी.
इसे लेकर (CET Exam Validity) पिछले कई महीनों से चर्चा जारी थी. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) उम्मीदवारों को अधिक सुविधा के लिए सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) के नियमों को संशोधित करने पर विचार कर रहा था. प्रस्तावित बदलावों में CET स्कोर की वैधता को एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करना शामिल थी.
सितंबर महीने में RSSB के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर जानकारी भी दी थी. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा था, “अगर आप सोच रहे हैं कि CET परीक्षा देनी है या नहीं, तो सोच-समझकर फैसला लें क्योंकि हम इस CET स्कोर को न केवल एक साल के लिए बल्कि तीन से पांच साल के लिए मान्य करने की कोशिश कर रहे हैं.
क्या है CET एग्जाम और कौन दे सकता है?
कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET), राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण कदम है जो राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को एकीकृत और सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से लाया गया. यह परीक्षा राजस्थान के ग्रुप ‘C’ और ‘D’ के पदों के लिए आयोजित की जाती है. इसका स्कोर भर्ती परीक्षाओं के स्थान पर एकल परीक्षा आयोजित करना है. इससे उम्मीदवारों को बार-बार अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी और आवेदन करने के झंझट खत्म हुई. यह एक ऑब्जेक्टिव टाइप परीक्षा है जिसमें प्रश्न सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, हिंदी और अंग्रेजी भाषा, और राजस्थान की संस्कृति और इतिहास से संबंधित होते हैं. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती.
