15.5 C
London
Monday, June 15, 2026
Homeराज्यबिहार चुनाव में 40 प्रतिशत वाला खेल समझ गई कांग्रेस, कन्हैया के...

बिहार चुनाव में 40 प्रतिशत वाला खेल समझ गई कांग्रेस, कन्हैया के कंधे से चलेगी जीत की बंदूक, जानें

Published on

पटना:

लोकसभा चुनाव 2025 में संजीवनी पाकर बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय कांग्रेस ने अकेले चलने का आगाज कर डाला है। और ये चाल कोई शॉर्ट कार्ट रास्ता नहीं बल्कि फाइव ईयर प्लान की राह पर चल पड़ी है। यह सही है कि यह आगाज उस खास समय में हुआ है जब आगामी विधानसभा चुनाव 2025 की सेनाएं सजानी शुरू कर दी गई है। कांग्रेस के लिए आज वही स्थिति हो गई जो भाजपा की थी। कन्हैया के पीछे ठीक वैसे नेता दिखाए जाएंगे जैसे सुदर्शन चक्र लिए कृष्ण के पीछे देवताओं के चेहरे दिखाए जाते हैं। सो ,कई नेता आएंगे और कई आए भी।

राहुल गांधी इफेक्ट
कन्हैया की पदयात्रा में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का बेगूसराय आना कोई परोक्ष रूप से वोट बढ़ोत्तरी का भले रहा हो पर अपरोक्ष रूप से कांग्रेस के उन कद्दावर नेताओं को संदेश देना था जो कन्हैया कुमार को रास्ते में रोड़े बन रहे हैं। और राहुल गांधी ने कन्हैया कुमार के साथ दोस्ताना व्यवहार का जेस्चर दिखा कर अपना काम कर दिया।

कन्हैया पर ध्यान!
राष्ट्रीय कांग्रेस के अन्य वरीय नेता भी कन्हैया के साथ खड़े रहेंगे। ताकि साठ से ऊपर के कांग्रेसी नेता ये मान चलें कि ये भविष्य में कांग्रेस के चिंतन की चाबी कन्हैया के पास है। इस बात के समर्थन में खुद राहुल गांधी ने युवाओं से कहा कि पैदल यात्रा की अगुवाई कर रहे कन्हैया कुमार के कंधे से कंधा मिलाकर चलें। इस यात्रा की अगुवाई पार्टी के युवा नेता कन्हैया कुमार कर रहे हैं। साथ ही राहुल गांधी ने पार्टी के युवा साथियों से इस पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है।

पायलट और कन्हैया
कांग्रेस के वरीय नेता सचिन पायलट ने भी राहुल गांधी की शैली को एयरपोर्ट से ही फॉलो करने लगे। पलायन रोको और नौकरी दो के समर्थन में नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। पिछले 11 साल से केंद्र और 25 वर्षों बिहार की सत्ता पर काबिज एनडीए नीत सरकार ने बिहार के नौजवानों को ठगने का काम किया। पेपर लीक में तो बिहार का बुरा हाल है। बीपीएससी से भी प्रश्न पत्र समय से पहले लीक हो गए। इन सब के कारण नीतीश सरकार की असमर्थता ने युवाओं के लिए पलायन के लिए भटकने को मजबूर किया।

क्यों है यह पदयात्रा ?
दरअसल इस पदयात्रा का मकसद 19 से 45 वर्ष के युवा हैं। और इनका वोट प्रतिशत 40 प्रतिशत है। और ये 40 प्रतिशत वोट पर निशाना साध कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, द्रीय मंत्री चिराग पासवान और कन्हैया कुमार सब अपने अपने तरीके से रिझाने में लगे हैं। तेजस्वी भी युवाओं को ले कर इसके पहले भी यात्रा पर निकले थे।

कांग्रेस का ग्राउंड
राजद और कांग्रेस अपने कंबाइंड एफर्ट से यह संदेश अपने समर्थकों तक पहुंचाने में लगे हैं । ऐसे में बिहार के वे बच्चे जो पलायन के शिकार हुए ,जिन्हें नौकरियां नहीं मिल रही है ,40 प्रतिशत समेटे यह बड़ा वर्ग जिस करवट बैठेगा, किला फतह भी उसी का होने वाला है। दूसरा मकसद इस पदयात्रा के जरिए कांग्रेस ने ग्राउंड लेवल पर अपने आधार को फिर से दुरुस्त करने का काम किया है। इस आधार का स्वरूप संभव हो कि उस अनुपात में नहीं निकले जो कांग्रेस अनुमान लगा रही है, पर 2029 लोकसभा में यह मेहनत कोई गुल खिला जाए तो आश्चर्य नहीं माना जाना चाहिए।

Latest articles

मुरैना में मोबाइल फटने से फैली ट्रेन में आग की अफवाह, रेल से कूदे चार यात्री दूसरी गाड़ी से कट गए

मुरैना। प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के धौलपुर रेल खंड के...

सीएम यादव ने जारी की लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त, 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में पहुंचे 1500 रुपये

सागर। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 37वीं किस्त...

सिवनी में बाघ दो आदिवासी महिलाओं पर किया, ग्रामीणों में दहशत

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बाघ के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं...

More like this

जशपुर पहली बार मिलेगा रेल नेटवर्क से जुड़ाव, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना अधिसूचित

जशपुर। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारत...

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के 110 लाभार्थियों को मिली घर की चाबी

जयपुर। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आयोजित “गृह गौरव : खुशियों की चाबी”...

2027 चुनाव में भगवंत मान होंगे आप का सीएम चेहरा, बठिंडा में केजरीवाल ने किया ऐलान

बठिंडा। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027...