वाराणसी
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद में मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग जांच की मांग जिला जज की अदालत ने खारिज कर दी है। हिंदू पक्ष की ओर से अदालत से इस जांच की मांग की गई थी। मांग खारिज होने को हिंदू पक्ष के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने मामले को अपने लिए झटका मानने से इनकार कर दिया। कहा कि हमने लीगल लड़ाई लड़ी है। हम सुप्रीम कोर्ट मामले को लेकर जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज को सुनवाई के लिए कहा था। हम लोग जीत में ओवर एक्साइट नहीं होते, हार में निराश नहीं होते। हम लोग संघर्ष कर रहे हैं।
विष्णु जैन ने कहा कि आज का आदेश सुप्रीम कोर्ट के 20 मई के आदेश का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट पूरे मामले को देखेगा। लेकिन आज जज ने 17 मई के आदेश का उल्लेख करते हुए जांच का आदेश देने से इनकार कर दिया है।
वकील ने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि वैज्ञानिक जांच होनी चाहिए। हम कार्बन डेटिंग की जांच पर अड़े नहीं थे। हम भी चाहते हैं कि शिवलिंग को बिना क्षति पहुंचे किसी भी वैज्ञानिक विधि से इसकी जांच हो। हम अपने अराध्य के लिए संघर्ष करते रहेंगे। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
फैसले पर अदालत ने क्या कहा
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मिले कथित शिवलिंग के आकार जैसे ढांचे की प्राचीनता का पता करने के लिये इसकी कार्बन डेटिंग या अन्य वैज्ञानिक परीक्षण कराने की मांग संबंधी अर्जी को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने हिंदू पक्ष की अर्जी पर दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी करने के बाद अपने फैसलने में कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस प्रकरण पर सुनवाई के दौरान 17 मई को वजूखाना क्षेत्र को सुरक्षित बनाये रखने का आदेश दिया था।
