सुल्तानपुर:
उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर के MP/MLA विशेष कोर्ट में बुधवार को नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली सांसद राहुल गांधी के मानहानि मामले में सुनवाई हुई। वादी मुकदमा और भाजपा नेता विजय मिश्रा की ओर से कोर्ट में साक्षय पेश किए गए और उनका बयान हुआ। वहीं राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी शुक्ला ने उनसे तीखे सवाल भी किए। कोर्ट ने 17 अक्टूबर सुनवाई की तिथि नियत की है।
दरअस्ल अमित शाह के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी को लेकर दर्ज हुए मामले में बीते 26 जुलाई को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा था, मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश हो रही है। इसके बाद कोर्ट में वादी को साक्षय प्रस्तुत करने के निर्देश हुए। 12 अगस्त को सुनवाई की तिथि थी, जहां विशेष कोर्ट के जज अवकाश पर रहे और सुनवाई टल गई। इसके बाद 23 अगस्त को मामले में सुनवाई इस कारण टली कि वादी मुकदमा भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने प्रार्थना पत्र दिया उनका वादी अस्वथ्य है।
सितंबर में 3 बार हुई थी सुनवाई
कोर्ट ने इस मामले में 5 सितंबर को सुनवाई की तारीख दी थी। 19 सितंबर को सुनवाई के दौरान वादी के अधिवक्ता ने मुकदमे में व्यस्तता के चलते समय देने का प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर 21 सितंबर को सुनवाई हुई। कहा गया कि बार एसोसिएशन के मेडिकल कैंप के चलते आज सुनवाई नहीं हो सकती, जिस पर कोर्ट ने एक अक्टूबर की डेट दी। एक अक्टूबर को भी वादी भाजपा नेता के अस्वस्थ होने की अर्जी दी गई। तब कोर्ट ने 9 अक्टूबर की तिथि सुनवाई के लिए नियत की थी।
यह है पूरा मामला
कोतवाली देहात के हनुमानगंज निवासी और भाजपा नेता विजय मिश्रा ने वर्ष 2018 में राहुल गांधी के विरुद्ध मानहानि का परिवाद MP/MLA कोर्ट में दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने अभद्र टिप्पणी की थी, इससे मैं आहत हुआ हूं। कोर्ट में पांच साल लंबी प्रक्रिया चली, राहुल गांधी हाजिर नहीं हुए तो दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने वारंट जारी कर उन्हें तलब किया था।
तब फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में सरेंडर किया। विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 के दो मुचलके पर जमानत दे दी थी। इसके बाद राहुल गांधी को कोर्ट ने बयान दर्ज करने के लिए बुलाया। दर्जन भर तारीख पड़ने के बाद बीते 26 जुलाई को राहुल कोर्ट में पहुंचे और उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया।
