9.3 C
London
Thursday, May 7, 2026
Homeराज्य'कश्मीरियत पर कलंक लग गया है…', पहलगाम हमले पर बोलीं महबूबा मुफ्ती

‘कश्मीरियत पर कलंक लग गया है…’, पहलगाम हमले पर बोलीं महबूबा मुफ्ती

Published on

नई दिल्ली,

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले को लेकर देशभर में लोगों में गुस्सा है. इस पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम हमले को कश्मीरियत पर हमला बताया है. उन्होंने कहा कि हमें समझना पड़ेगा कि पर्यटकों पर हमला पहली बार हुआ है. ये निहत्थे लोग थे, जो घूमने-फिरने अपने बच्चों को साथ लेकर आए थे. मुश्किलों से पैसा बचाकर कश्मीर आए थे और उन्हें वहां बचाने वाला भी कोई नहीं था तो कहीं न कहीं यह बात कश्मीरियों के दिल पर बहुत लगी है कि ये लोग हमारे लिए आते हैं. घूमने-फिरने आते हैं, कश्मीर को जन्नत कहते हैं. इनके साथ ये क्या हो गया.

मुफ्ती ने कहा कि 90 के दशक में जो कश्मीरी पंडित यहां से निकले थे, उनका आज तक कश्मीरियों को मलाल है. आज मुझे लगता है कि कश्मीरियों को कहीं न कहीं फिर लगा कि ऐसा हादसा हो गया है, जो हमारी कश्मीरियत के ऊपर कलंक लग गया है.

उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ कश्मीरी पूरे देश के साथ खड़े हैं. आज जिस तरह इस हमले पर पूरा देश शोक मना रहा है, कश्मीरी भी शोक मना रहे हैं. लेकिन कश्मीरियों को जिस तरह Collective Punishment दी जा रही है, खासतौर पर 2019 के बाद से, उसे अब रोकना होगा. पहलगाम हमले को छह आतंकियों ने अंजाम दिया. लेकिन कश्मीर का एक आदिल शाह भी था, जिसने आतंकी की बंदूक छीनकर पर्यटकों की जान बचाने की कोशिश की थी. सज्जाद घायलों को पीठ पर उठाकर अस्पताल ले गया था. एक टैक्सी ड्राइवर भी था, जो सबसे पहले घायल को अस्पताल ले गया. तो हमें इन कश्मीरियों की तरफ भी देखना होगा ना कि सिर्फ उन कश्मीरियों की तरफ देखें जिनके हाथ में बंदूकें थी. भारत सरकार को कश्मीरियों को लेकर अब अपनी पॉलिसी बदलनी होगी क्योंकि कश्मीरी भी बदल गए हैं. सरकार इन कश्मीरियों तक पहुंचे और उन्हें इस तरह सामूहिक दंड नहीं दें.

मुफ्ती ने कहा कि अब कश्मीर बदल गया है. कश्मीर ने कभी हिंसा नहीं चाही. मैं इतिहास में नहीं जाना चाहती कि पहले क्या हुआ था और क्यों हुआ था? कश्मीर ने बहुत हिंसा देखी है. आज हमने एक पहल की. कश्मीरियों ने इस घटना के विरोध में शटडाउन किया. शटडाउन इसलिए किया गया क्योंकि कश्मीरी दुख में हैं. कश्मीरियों में भी इस घटना को लेकर गुस्सा है. इस वजह से शटडाउन का भी आह्वान किया गया था. आप पहलगाम जाएंगे तो देख नहीं पाएंगे कि कश्मीरियों के भीतर किस तरह इस घटना को लेकर गुस्सा और दुख है.

Latest articles

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या, नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम इलाके में 4 गोलियां मारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए...

राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने किया पद भार ग्रहण

भोपाल। 6 मई को प्रातः 11 बजे राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ....

BHEL में CMD पद के लिए निकली भर्ती

नई दिल्ली। Government of India के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत आने वाले...

भोपाल में चयनित शिक्षक-अभ्यर्थियों में आक्रोश, डीपीआई के सामने किया प्रदर्शन

9 माह से नियुक्ति नहीं मिलने से नाराज, कहा- आदेश जारी नहीं हुए तो...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...