पटना
बिहार की राजनीति में उठकपुथल मचा रही जनसुराज पार्टी को ले कर एक और अपडेट आया है। मिली जानकारी के अनुसार आज होने वाली जनसुराज पार्टी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह के नाम का ऐलान नहीं होगा। जनसुराज इसके लिए कल तक का इंतजार करेगी। कल यानी सोमवार को पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह की बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में घोषणा की जा सकती है। लेकिन आज यानी रविवार को RCP सिंह ने अपनी पार्टी आसा का विलय प्रशांत किशोर की जनसुराज में कर दिया।
कौन हैं ये उदय सिंह?
अब प्रशांत किशोर से जुड़े उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह बीजेपी से दो बार सांसद भी रह चुके हैं। पूर्णिया लोकसभा सीट से 2009 से लेकर 2019 तक दो बार बीजेपी के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। इनके पास बड़ा व्यवसाय है जो पूर्णिया ही नहीं पूरे देश में चलता है। पूर्व सांसद उदय सिंह सिंह की पहचान राजनीतिक जगत में काफी पुरानी है। इनकी एक अलग पहचान समाजसेवी और व्यवसाई के रूप में भी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके पास 1000 करोड़ से ऊपर की संपत्ति है। इनकी चर्चा एक खास वैनिटी वैन को ले कर भी है जिसे उन्होंने 2011 में शौक के लिए खरीदा था। यह वही वैनिटी बैन है, जिससे अब प्रशांत किशोर चलते हैं।
मां भी रह चुकी हैं सांसद
उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह का पूरा परिवार पढ़ा लिखा और राजनीतिज्ञ रहा है। इनकी मां माधुरी सिंह भी कांग्रेस के टिकट पर दो बार 1980 से लेकर 1989 तक सांसद रह चुकी हैं।इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जब चुनाव हुआ था तो रिकॉर्ड मतों से माधुरी सिंह कांग्रेस के टिकट से चुनाव जीती थीं। इनके बड़े भाई एनके सिंह आईएएस अधिकारी रह चुके हैं।
साल 2019 में पप्पू सिंह ने बीजेपी छोड़ दी थी
उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह 2019 में बीजेपी से नाता तोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हालांकि 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए। 2024 में वह लोकसभा चुनाव ही नहीं लड़े। पर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि अंदर से वह पप्पू यादव को सपोर्ट कर रहे थे। इसके चलते पप्पू यादव की पूर्णिया से निर्दलीय जीत भी हुई।
