पटना:
बिहार में बीपीएससी अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। वे अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। बीपीएससी अभ्यर्थियों पर हाल में बिहार पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। लाठीचार्ज को लेकर सियासत तेज हो गई। लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव ने इसकी आलोचना की। तेजस्वी यादव ने कहा कि बच्चे पीठ पर लाठी खा रहे हैं। जाने दे रहे हैं। सरकार सो रही है। अभ्यर्थियों के समर्थन में कोचिंग टीचर खान सर भी उतरे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक जाने की बात कही।
अभ्यर्थियों का धरना जारी
अभ्यर्थी बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा के री-एग्जाम की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा रद्द नहीं होती है। वे लोग यहां से हटने वाले नहीं है। अब इस पूरे प्रकरण में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की एंट्री हो गई है। प्रशांत किशोर पहले भी छात्रों से मिलकर उनके लिए सड़क पर उतरने की बात कह चुके हैं। उन्होंने यहां तक कहा था कि अब एक बार भी छात्रों पर लाठी चली तो नीतीश सरकार गिर जाएगी।
प्रशांत किशोर का दावा
एक बार फिर प्रशांत किशोर धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बीपीएससी के अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उसके बाद पीके की ओर से एक बड़ा ऐलान किया गया। पीके ने साफ कहा कि वे कल दोपहर 12 बजे भारी संख्या में पटना के गांधी मैदान पहुंचे। उन्होंने साफ कहा कि कल सभी लोग मिलकर यह तय करेंगे कि आगे आंदोलन को किस दिशा में ले जाना है। जन सुराज की ओर से इस आंदोलन और कार्यक्रम को छात्र संसद का नाम दिया गया है।
पीके की एंट्री
प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि वे अभ्यर्थियों का अंतिम सांस तक समर्थन करेंगे। उसके बाद उन्होंने कहा कि यह बच्चों के भविष्य का सवाल है। बिहार में कोई भी परीक्षा बिना पेपर लीक के नहीं होती है। इस समस्या को अब हमेशा के लिए खत्म करना है। उधर, खान सर के बाद सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक गुरु रहमान ने अभ्यर्थियों का समर्थन किया है। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर कहा है कि री-एग्जाम नहीं हुआ, तो जान जाएगी। ध्यान रहे कि कोचिंग संचालकों पर उकसाने का आरोप पहले भी लगा था।
बीपीएससी का बयान
इस मामले को लेकर दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन हुआ है। जहां स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के सदस्यों ने दिल्ली के बिहार भवन के बाहर प्रदर्शन किया। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया है। इस पूरे प्रकरण पर बीपीएससी का पक्ष भी आ गया है। बीपीएससी का कहना है कि परीक्षा रद्द नहीं की जाएगी। परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। आयोग का कहना है कि पेपर लीक के आरोप निराधार हैं। कुछ असामाजिक तत्व छात्रों को गुमराह कर रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संचालित की जा रही है।
