5.7 C
London
Friday, January 16, 2026
HomeUncategorizedAdani Enterprises Defamation Case:अडानी समूह को बड़ी राहत: दिल्ली कोर्ट ने पत्रकारों...

Adani Enterprises Defamation Case:अडानी समूह को बड़ी राहत: दिल्ली कोर्ट ने पत्रकारों और NGO को रोका, ‘मानहानिकारक’ सामग्री हटाने का दिया आदेश

Published on

Adani Enterprises Defamation Case:अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) को एक बड़ी राहत देते हुए, दिल्ली की एक अदालत ने कुछ पत्रकारों और अन्य लोगों को कंपनी के खिलाफ बिना पुष्टि वाली और मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने से रोक दिया है. कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए, पत्रकारों और विदेशी NGO को भी लेखों और सोशल मीडिया पोस्ट से कंपनी के खिलाफ कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है.

मानहानिकारक सामग्री पर कोर्ट सख्त

सीनियर सिविल जज अनुज कुमार सिंह, AEL द्वारा दायर एक मुकदमे की सुनवाई कर रहे थे. AEL ने आरोप लगाया था कि paranjoy.in, adaniwatch.org और adanifiles.com.au पर प्रकाशित सामग्री, पोस्ट और वीडियो, व्यापार समूह की प्रतिष्ठा को धूमिल करने और उसके संचालन को बाधित करने के लिए तैयार किए गए थे.

मामले में प्रतिवादी परंजय गुहा ठाकुरता, रवि नायर, अबीर दासगुप्ता, अयस्कांता दास, आयुष जोशी, बॉब ब्राउन फाउंडेशन, ड्रीमस्केप नेटवर्क इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, गेटअप लिमिटेड, डोमेन डायरेक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (इंस्ट्रा के रूप में व्यापार) और जॉन डो हैं.

“मामला अडानी के पक्ष में”

कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला वादी (AEL) के पक्ष में है. यहां तक कि सुविधा का संतुलन भी वादी के पक्ष में है, क्योंकि लगातार फॉरवर्डिंग/प्रकाशन/री-ट्वीट और ट्रोलिंग से उनकी छवि और धूमिल होगी और मीडिया ट्रायल हो सकता है. इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई तक प्रतिवादियों को बिना पुष्टि वाली, निराधार और स्पष्ट रूप से मानहानिकारक रिपोर्ट प्रकाशित करने, वितरित करने या प्रसारित करने से रोक दिया, जो कथित तौर पर वादी की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रही हैं.

यह भी पढ़िए: MP के किसानों को सीएम यादव की सौगात: ₹20 करोड़ की बाढ़ राहत राशि वितरित, 17,500 किसानों को मिला सीधा लाभ

सामग्री हटाने का आदेश

कोर्ट ने कहा कि ये लेख और पोस्ट झूठे, बिना पुष्टि वाले और मानहानिकारक हैं, इसलिए प्रतिवादी संख्या 1 से 10 को भी अपने-अपने लेखों/सोशल मीडिया पोस्ट्स/ट्वीट्स से ऐसी मानहानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश दिया जाता है, और यदि ऐसा करना संभव नहीं है, तो आदेश की तारीख से 5 दिनों के भीतर उन्हें हटा दें.

निषेधाज्ञा के तहत, प्रतिवादियों को AEL के बारे में कोई भी बिना पुष्टि वाला या निराधार बयान देने से भी रोका गया है. कोर्ट ने गूगल, यूट्यूब, एक्स आदि जैसे मध्यस्थों को भी कथित मानहानिकारक सामग्री को 36 घंटों के भीतर हटाने या उस तक पहुंच को अक्षम करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कार्यवाही को 9 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया.

Latest articles

भेल कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों का प्रदर्शन

भेल भोपाल।भेल संघर्षशील संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के तत्वावधान में भेल के गेट नं....

हाउसिंग बोर्ड लाएगा 9 नई आवासीय योजनाएं

भोपाल।राजधानी में अपने घर का सपना देख रहे लोगों के लिए खुशखबर है। मध्यप्रदेश...

ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की टक्कर में 5 की मौत

भोपाल।भोपाल के बैरसिया थाना क्षेत्र में भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके...

भोपाल का स्कूल संचालक ड्रग तस्करी में गिरफ्तार

भोपाल।भोपाल में सेंट माइकल स्कूल और सेंट माइकल क्रिकेट अकादमी का संचालक अबान शकील...

More like this

बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत31 मार्च तक सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक छूट

भोपाल।मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते...

भेल नगर सलाहकार समिति की बैठक में टाउनशिप की समस्याए उठी

भेल भोपाल ।नर्मदा गेस्ट हाउस, बरखेड़ा स्थित देवी अहिल्या बाई सभागृह में नगर सलाहकार...

अभ्युदय मप्र क्विज के पहले दिन 10 हजार प्रतिभागी हुए शामिल

भोपाल।भय नहीं, भ्रम नहीं पूरा विश्वास, विरासत के साथ विकास के मूलमंत्र पर आयोजित...