9.9 C
London
Tuesday, April 28, 2026
HomeUncategorizedकिसानों की मौज, आप पर पड़ेगा बोझ... सरकार ने क्‍या किया जिसका...

किसानों की मौज, आप पर पड़ेगा बोझ… सरकार ने क्‍या किया जिसका आपकी थाली से सीधा कनेक्‍शन?

Published on

नई दिल्‍ली:

सरकार ने गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 490 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) हटा दिया है। यह फैसला बुधवार को लिया गया। इससे पहले 28 सितंबर को सरकार ने गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर से पूरी तरह से रोक हटा दी थी और एमईपी लागू किया था। गैर-बासमती सफेद चावल एक आम किस्म का चावल है। एमईपी हटाने का सीधा सा मतलब है कि अब भारतीय कंपनियां गैर-बासमती सफेद चावल को किसी भी कीमत पर विदेश में बेच सकती हैं। पहले उन्हें इस कीमत से कम पर चावल निर्यात करने की अनुमति नहीं थी। चावल की मांग बढ़ने से किसानों को बेहतर दाम मिल सकते हैं। इससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, घरेलू बाजार में चावल के दाम बढ़ने के खतरे को नकारा नहीं जा सकता है। ऐसा होने पर महंगाई बढ़ सकती है।

सरकार ने बुधवार को गैर-बासमती सफेद चावल की निर्यात खेप पर 490 डॉलर प्रति टन के एमईपी को हटा दिया। इस कदम का मकसद इस जिंस के निर्यात को बढ़ावा देना है। सरकार ने 28 सितंबर को गैर-बासमती सफेद चावल की विदेशी खेपों पर पूर्ण प्रतिबंध हटा लिया था। साथ ही न्यूनतम निर्यात मूल्य लागू कर दिया था।

तत्‍काल प्रभाव से फैसला लागू
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात के लिए एमईपी की आवश्यकता… तत्काल प्रभाव से हटा दी गई है।’सरकार ने 20 जुलाई, 2023 को गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। ये उपाय ऐसे समय में किए गए हैं जब देश में सरकारी गोदामों में चावल का पर्याप्त स्टॉक है और खुदरा कीमतें भी नियंत्रण में हैं।

क‍िसानों की आय बढ़ाना चाहती है सरकार
इससे पहले, सरकार ने निर्यात खेप को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बासमती चावल के न्यूनतम निर्यात मूल्य को खत्म कर दिया था।भारत ने चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान 20.1 करोड़ डॉलर मूल्य के गैर-बासमती सफेद चावल निर्यात किया है। वर्ष 2023-24 में यह निर्यात 85 करोड़ 25.2 लाख डॉलर का हुआ था।

वैसे तो निर्यात पर प्रतिबंध था, लेकिन सरकार मालदीव, मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अफ्रीका जैसे मित्र देशों को निर्यात खेप की अनुमति दे रही थी। चावल की इस किस्म का भारत में व्यापक रूप से सेवन किया जाता है और वैश्विक बाजारों में भी इसकी मांग है। खासकर उन देशों में जहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी हैं। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध उन फैक्‍टरों में से एक है जिने खाद्यान्न सप्‍लाई चेन को बाधित किया है।

Latest articles

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...