नई दिल्ली:
कल 20 अक्टूबर को देशभर में करवा चौथ का त्योहार मनाया जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था में त्योहार काफी महत्वपूर्ण होते हैं। इसमें करवा चौथ भी अब शामिल होता जा रहा है। इस त्योहार होने वाली खरीदारी से देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। इस साल करवा चौथ पर देशभर में 22 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है।
पिछले साल करवा चौथ पर 1500 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। ऐसे में इस बार इसमें जबर्दस्त वृद्धि होने का अनुमान है। इससे पता चलता है साल-दर-साल इस त्योहार पर खरीदारी बढ़ती जा रही है। सांसद प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार, यह त्योहार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की याद दिलाता है।
बढ़ गई कई चीजों की खरीदारी
पिछले हफ्ते से देशभर के बाजारों में चहल-पहल का माहौल देखने को मिल रहा है। इस अवसर की तैयारी के लिए कपड़े, गहने, कॉस्मेटिक्स, गिफ्ट आइटम्स और पूजा की जरूरी चीजों की खरीदारी करने वाली भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में इन चीजों की बिक्री देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में मदद कर रही है। इनके अलावा करवा चौथ पर कई और चीजों की बिक्री भी बाजार को बढ़ावा दे रही है। इनमें ज्वैलरी, कपड़े, मेकअप प्रोडक्ट, साड़ियां, बर्तन, छलनी, ही कांच की चूड़ियां आदि चीजें भी शामिल हैं।
ज्वैलरी की खरीदारी भी बढ़ी
एक समय था जब धनतेरस या अक्षय तृतीया पर ही ज्वैलरी की ज्यादा खरीदारी हुआ करती थी। लेकिन अब इसमें करवा चौथ भी शामिल हो गया है। इस त्योहार कई तरह की ज्वैलरी की बिक्री बढ़ने लगी है। चांदी के करवा भी मार्केट में आने लगे हैं।
वेडिंग सीजन के लिए तैयार होता है मंच
ज्वैलर्स के लिए करवा चौथ का त्योहार कई मायनों में खास होता है। इस त्योहार पर ज्वैलरी की खरीदारी तय करती है कि ज्वैलर्स के लिए आने वाला समय कैसा होगा। करवा चौथ के बाद धनतेरस और फिर शादियों का सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे में इस समय से ज्वैलरी बिक्री की मांग बढ़ जाती है।
