नई दिल्ली
आर्थिक भगोड़ों को कंगाल करने का मोदी प्लान तैयार है। इसकी धार इतनी पैनी है कि चोट सात समंदर पार तक पहुंचेगी। भारतीयों की गाढ़ी कमाई लेकर भागे ये आर्थिक भगोड़े खुद दौड़े-दौड़े वापस लौटेंगे। पीएम मोदी ने शनिवार को इसकी ओर इशारा कर दिया। उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी जी20 मंत्रिस्तरीय समूह की सभा में बताया कि उनकी सरकार आर्थिक अपराधियों का आक्रामक तरीके से पीछा कर रही है। वह चाहते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं विदेशी संपत्तियों की वसूली में तेजी लाने के लिए जब्ती का इस्तेमाल करके एक मिसाल पेश करें।कोलकाता में हुई इस बैठक में G20 मंत्रियों को पीएम मोदी ने वर्चुअली संबोधित किया। पीएम ने यह बात ऐसे समय कही है जब सरकार ने संसद में नया विधेयक – भारतीय न्याय संहिता – पेश किया है। इसमें देश-विदेश में घोषित अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान शामिल है। जी-20 देशों से पीएम मोदी की अपील के बाद विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे आर्थिक भगोड़ों की धुकधुकी बढ़ेगी।
नया विधेयक औपनिवेशिक युग की भारतीय दंड संहिता की जगह लेने के लिए तैयार है। पीएम ने कहा कि इस तरह की जब्ती से आर्थिक अपराधियों की विदेशी संपत्ति की वसूली में तेजी आएगी। इससे उचित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ‘अपराधियों की त्वरित वापसी और प्रत्यर्पण’ का रास्ता खुलेगा। भारत ने जब से आर्थिक अपराधी अधिनियम (2018 में) लागू किया है, तब से धन निवारण के तहत 12 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति की कुर्की की गई है। इसके अलावा 2014 से मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत भगोड़ों से 1.8 अरब डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये) से अधिक की संपत्ति बरामद हुई है।
पीएम बोले, ‘भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की सख्त नीति है।’ उन्होंने रेखांकित किया कि भारत एक पारदर्शी और जवाबदेह इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस का लाभ उठा रहा है। पीएम ने कहा कि समूह की प्राथमिकताएं कार्रवाई-उन्मुख होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी परियोजनाओं में खामियों को दूर किया जा रहा है। इसके चलते भारत में लाखों लोगों को उनके बैंक खातों में 360 अरब डॉलर से अधिक की राशि का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण मिला। 33 अरब डॉलर से अधिक की बचत करने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि सरकार ने कारोबार संबंधी विभिन्न प्रक्रियाओं को सरल बनाया है। उन्होंने सरकारी सेवाओं के स्वचालन और डिजिटलीकरण का उदाहरण देते हुए कहा कि इसने नीतियों के क्रियान्वयन में खामियों को दूर किया है।
मोदी ने कहा, ‘हमारे गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस या जीईएम पोर्टल से सरकारी खरीद प्रक्रिया में अधिक पादर्शिता आई है।’ उन्होंने 2018 में आर्थिक अपराधी कानून के क्रियान्वयन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार आर्थिक अपराधियों का आक्रामक तरीके से पीछा कर रही है।
कंगाल करने की शुरुआत हो चुकी है
मोदी ने आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों से 1.8 अरब डॉलर से अधिक की पूंजी जब्त किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने धनशोधन रोकथाम अधिनियम का भी उल्लेख किया, जिसकी मदद से अपराधियों की 2014 से 12 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति जब्त की गई।प्रधानमंत्री ने जिक्र किया कि उन्होंने 2014 में अपने पहले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान जी20 के सभी देशों और ‘ग्लोबल साउथ’ के सामने मौजूद भगोड़े आर्थिक अपराधियों की चुनौतियों पर बात की थी।
उन्होंने 2018 में जी-20 शिखर सम्मेलन में भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई एवं संपत्ति वापस लाने के लिए नौ सूत्री एजेंडा पेश किए जाने का भी उल्लेख किया और इस संबंध में कार्य समूह द्वारा निर्णायक कदम उठाए जाने पर खुशी जताई।
जी20 देशों से पीएम ने कर दी है अपील
प्रधानमंत्री ने संपत्ति का समय पर पता लगाने और अपराध से होने वाली आय की पहचान करने की महत्ता को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जी20 देशों के सामूहिक प्रयास भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाकर एवं भ्रष्टाचार के मूल कारणों से निपटने वाले मजबूत कदमों के कार्यान्वयन के जरिए एक बड़ा अंतर लाया जा सकता है।
मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में लेखा परीक्षा संस्थाओं की भूमिका को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य हस्तियों से प्रशासनिक और कानूनी प्रणालियों को मजबूत करने के साथ-साथ मूल्य प्रणालियों में नैतिकता और ईमानदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।मोदी ने कहा, ‘केवल ऐसा करके ही हम एक न्यायपूर्ण और सतत समाज की नींव रख सकते हैं। मैं आपकी बैठक सार्थक और सफल रहने की कामना करता हूं।’
