नई दिल्ल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला किया। PM मोदी संसद में 2 घंटे 13 मिनट तक बोलते रहे। विपक्ष पर हमला तो बोला ही, शेयर बाजार के निवेशकों को नसीहत तक दे दी। पीएम ने कहा कि विपक्ष जिन सरकारी कंपनियों का विरोध करें, उसमें निवेश कर दो, आपको मालामाल बना देगी। पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष ने LIC के लिए क्या-क्या नहीं कहा गया, लेकिन आज एलआईसी मजबूत हो रही है। पीएम ने कहा कि एलआईसी में पैसा लगाने वालों को फायदा हुआ। उन्होंने दूसरी सरकारी कंपनी HAL की बात भी की, लेकिन हम यहां LIC की बात करेंगे।
कांग्रेस ने जारी किया वीडियो
पीएम के भाषण के कुछ ही घंटों के बाद कांग्रेस की ओर से एक वीडियो जारी किया गया। जिसमें एलआईसी पर पीएम के दावे और हकीकत की बात कही गई। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी कभी अपने निवेश को लेकर विवादों में रही है तो कभी विपक्ष के निशाने पर । संसद में एक बार फिर से एलआईसी का नाम गूंजा। पीएम मोदी ने एलआईसी को लेकर तमाम दावे किए, लेकिन आंकड़ें कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे हैं।
क्या कहते हैं आंकड़ें
एलआईसी के आंकड़ों पर गौर करें तो हकीकत कुछ और ही दिखती है। एलआईसी सबसे हालिया लिस्टेड पब्लिक कंपनी है। 17 मई 2022 को देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी के शेयर लिस्ट हुए थे। देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने वाली पब्लिक बीमा कंपनी के शेयरों का इश्यू प्राइस 949 रुपये निर्धारित किया गया था, लेकिन इनकी लिस्टिंग 9% की गिरावट के साथ 867.20 रुपये पर हुई थी। शेयर बाजार में लिस्टिंग के सवा साल पूरा होने पर बीएसई और एनएसई दोनों ही जगह LIC के भावों में तगड़ी गिरावट आ चुकी है।
30% घाटे में निवेशक
संसद में पीएम मोदी ने एलआईसी के तारीफों के खूब पुल बांधे, जिसका असर आज LIC के शेयरों पर देखने को भी मिला। एलआईसी के शेयर चढ़कर 661 रुपये पर पहुंच गए, लेकिन आज भी इसके IPO इनवेस्टर करीब 30% घाटे में हैं। इसे थोड़ा आसान भाषा में समझते हैं। अगर आपने LIC के आईपीओ में 100 रुपये लगाया है तो वो आज की तारीख में करीब 70 रुपये पर पहुंच गया है। यानी एलआईसी में निवेश करने वाले निवेशकों को इसकी लिस्टिंग से लेकर अब तक करीब 30 फीसदी का नुकसान हो चुका है। वहीं लिस्टिंग के बाद से बहुत कम ही मौके रहे, जब एलआईसी क शेयर हरे निशान के साथ बढ़े। एलआईसी जब से शेयर बाजार में लिस्ट हुई है, जब से लेकर अब तक निवेशकों का करीब 2 लाख करोड़ रुपये डुबा चुकी है। यानी LIC को लेकर पीएम लोकसभा में जो दावे कर रहे हैं,वो आंकड़ों में नहीं दिख रहे हैं।
