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Tuesday, June 23, 2026
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चंद्रयान 3 की मुहूर्त कुंडली क्या कहती है, अबकी बार पूरा हो पाएगा चांद छूने का भारत का सपना?

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के लिए रवाना कर दिया है। आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इस यान को मिशन चांद पर भेजा गया है। अगर मिशन सफल होता है तो चंद्रयान-3 अगस्त के आखिर में चंद्रमा पर उतर जाएगा। आज दोपहर में दो बजकर 35 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से इसे प्रक्षेपित किया गया। चंद्रयान-3 के अंतर्गत यह रॉकेट LVM3 M4 आज सफलतापूर्वक अपने सफर पर चला गया। वैज्ञानिकों के साथ-साथ चंद्रयान-3 मिशन देश भर के लोगों की उम्‍मीदें जुड़ी हैं। आइए आपको बताते हैं चंद्रयान 3 की मुहूर्त कुंडली क्या कहती है, क्‍या अबकी बार चांद छूने का भारत का सपना पूरा हो पाएगा।

भारत के इस महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन की मुहूर्त कुंडली में वैदिक ज्योतिष की निर्णय प्रणाली के अनुसार लग्न में वृश्चिक राशि उदय है जो कि एक स्थिर राशि होने के साथ ही जल तत्व राशि है। आम तौर पर जब हमें किसी मशीन या वाहन को चलाने के लिए कोई मुहूर्त निकालना होता है तो हम लग्न पर स्थिर लग्न को नहीं लेते हैं। हालांकि, चंद्र अन्वेषण मिशन के इस मामले में लग्न वृश्चिक को चंद्रमा, मंगल और शनि की दृष्टि मिल रही है। यहां चंद्रमा शुभ रोहिणी नक्षत्र में है और मिथुन राशि के अपने मित्र बुध के नवांश (D-9) में है।

किंतु मुहूर्त कुंडली में लग्न पर पड़ रही तीसरे (संचार) स्थान के स्वामी शनि की वक्री दृष्टि तथा बुध का मृत्यु भाग के अंशों में होने से इस कार्यक्रम में कुछ समस्या आने की आशंका दिखती है। किन्तु मुहूर्त कुंडली में दशम भाव में बैठे लग्नेश मंगल, शुक्र और गुलिक पर पड़ रही शनि और गुरु की दृष्टि संतोषजनक सफलता और देश के वैज्ञानिकों का सम्मान बढ़ने का ज्योतिषीय संकेत है। शुक्रवार का दिन, रोहिणी नक्षत्र और वृद्धि योग भी एक अच्छा ज्योतिषीय योग है।

चंद्रमा-बुध-बृहस्पति की विंशोत्तरी दशा मुहूर्त कुंडली में मौजूद है जो कुछ तकनीकी खामियों के साथ संतोषजनक सफलता दिखाती है। दरअसल चंद्रयान 3 की मुहूर्त कुंडली में बृहस्पति छठे घर में है और उस पर अशुभ शनि की दृष्टि है अतः मिशन के अंतिम भाग में कुछ परेशानी आने की आशंका है। इसलिए मिशन सफल होगा लेकिन चंद्रमा पर लैंडिंग के समय कुछ तकनीकी समस्या आने की आशंका दिखती है। मुहूर्त चार्ट के राशि और नवांश लग्न पर वक्री शनि की दृष्टि का होना और बुध का मृत्यु भाग में होना चंद्र मिशन के अंतिम चरण में संचार प्रणाली के लिए चिंता का विषय है। लेकिन चंद्रयान 3 भारत के लिए भविष्य का नया दरवाजा खोलेगा और पूरा विश्व भारत की सफलता और प्रयास की सराहना करेगा।

(सचिन मल्‍होत्रा, ऐस्‍ट्रॉलजर

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