पटना
बिहार शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है। चर्चा में इसलिए है कि उसने कश्मीर को भारत से अलग करते हुए एक नया देश ही बना दिया। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक प्रश्न पत्र वायरल हो रहा है। वायरल प्रश्न पत्र कक्षा सात का बताया जा रहा है। पश्न पत्र में दावा किया गया है कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक अलग देश है। इधर प्रश्न पत्र सामने आने के बाद बीजेपी बिहार सरकार पर हमलावर है। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने जेडीयू और आरजेडी के गठबंधन को पीएफआई समर्थक बता दिया।
क्या बच्चों को पढ़ाया जा रहा कश्मीर अलग देश है ?
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और बेतिया सांसद डॉ संजय जायसवाल का कहना है कि पूरे सीमांचल क्षेत्र में हिंदी स्कूलों में शुक्रवार को बंद करना और अब बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा सातवीं कक्षा का प्रश्नपत्र काफी आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि सातवीं कक्षा के बच्चों से यह सवाल पूछा गया है कि नेपाल, चाइना, इंग्लैंड , हिंदुस्तान और कश्मीर में रहने वाले को क्या कहते हैं। यह प्रश्न ही बताता है कि बिहार सरकार के सरकारी पदाधिकारी और बिहार सरकार कश्मीर को भारत का अंग नहीं मानती है।
‘PFI का समर्थन करने वाली महागठबंधन सरकार सीमांचल को इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहती है ?’
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और बेतिया सांसद डॉ संजय जायसवाल का कहना है कि बिहार में जेडीयू और आरजेडी का गठबंधन पीएफआई (PFI) समर्थक है। उन्होंने कहा कि जेडीयू में बैठे लोग और महागठबंधन सरकार के सरकारी पदाधिकारी के साथ आरजेडी (RJD) के वोट बैंक में बैठे पीएफआई (PFI) समर्थकों के नापाक गठजोड़ का नतीजा यह निकल रहा है कि बिहार एक खतरनाक मोड़ पर जा बैठा है।
डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार के PFI और RJD समर्थक अफसरों का एक ही सपना है कि 2047 में बिहार के पूर्वांचल को कम से कम हम इस्लामिक राष्ट्र में बदल दें। इसका सबसे बड़ा सबूत सातवीं कक्षा का बिहार शिक्षा परियोजना परिषद का प्रश्न पत्र है, जो बच्चों के दिमाग में यह डालने का काम कर रहा है कि जिस प्रकार चीन, इंग्लैंड, भारत ,नेपाल एक देश हैं वैसे ही कश्मीर भी एक राष्ट्र है। संजय जायसवाल ने यह भी कहा कि रबर स्टैंप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह हैसियत भी नहीं है कि इस सरकारी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई कर सकें, क्योंकि पीएफआई (PFI) समर्थक सरकारी कर्मचारियों के बदौलत ही वे मुख्यमंत्री हैं।
