11.6 C
London
Thursday, April 2, 2026
Homeराज्यकभी बनवाई थी वाघेला की सरकार, BJP छोड़ने वाले बाहुबली मधु श्रीवास्तव...

कभी बनवाई थी वाघेला की सरकार, BJP छोड़ने वाले बाहुबली मधु श्रीवास्तव की ताकत जान लीजिए

Published on

अहमदाबाद

गुजरात की राजनीति में कभी निर्दलीय जीतकर सुर्खियों में आए मधु श्रीवास्तव अपना आखिरी चुनाव निर्दलीय लड़ेंगे। बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद मधु श्रीवास्तव ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले मधु श्रीवास्तव अपने दबंग अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लोगों के बीच रॉबिनहुड की छवि बनाने वाले मधु श्रीवास्तव ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 के दशक में की। पहले वडोदरा नगर निगम के पार्षद चुने गए, इसके बाद उन्होंने वडोदरा जिले की वाघोडिया से विधानसभा चुनाव लड़ा। पहले चुनाव में उन्हें हार मिली, लेकिन 1995 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय जीत हासिल की। इस चुनाव में बीजेपी को 121 सीटें मिली कांग्रेस 45 जीत पाई तो वहीं 16 निर्दलीय जीतकर विधानसभा पहुंचे।

10 निर्दलीय थे साथ में
कहते हैं कि मधु श्रीवास्तव ने सुरेश मेहता सरकार को गिराने और शंकर सिंह वाघेला को मुख्यमंत्री बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। उस वक्त मधु श्रीवास्तव गुजरात विधानसभा में युवा विधायक थे और उनके इशारे पर 10 निर्दलीय विधायक चलते थे। इसका फायदा विधानसभा की कार्यवाही में शंकर सिंह वाघेला ने उठाया था और फिर सुरेश मेहता सरकार गिरने के बाद कुछ वक्त राष्ट्रपति शासन लागू रहा और बाद में शंकर सिंह वाघेला मुख्यमंत्री बने थे। बतौर पार्षद कमिश्नर को धमाका अपनी धाक जमाने वाले मधु श्रीवास्तव इसके बाद गुजरात की राजनीति में चर्चित चेहरा बन गए। कुछ समय निर्दलीय रहने के बाद में वे बीजेपी में शामिल हो गए। 2002 के दंगों में मधु श्रीवास्तव पर पूर्व कांग्रेसी सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी को धमकाने के आरोप लगे। इसके अलावा कुछ और मामले उन पर दर्द हुए, लेकिन जनता का प्यार मधु श्रीवास्तव को मिलता रहा। इसके चलते लगातार मधु श्रीवास्वत वाघोडिया पर अपना कब्जा जमाए रहे।

10वीं तक की है पढ़ाई
मधु श्रीवास्तव को फिल्मों का काफी शौक है। जवानी के दिनों में वे अमिताभ बच्चन की फिल्में जरूर देखते थे। मधु श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की राठ तहसील के धमना गांव निवासी बाबूलाल के बेटे हैं। उनके पिता काफी समय पहले 50-60 वडोदरा पहुंचे थे। मधु श्रीवास्तव ने 10 तक पढ़ाई के बाद राजनीति में कदम रखा और फिर अपने आक्रामक स्वभाव के चलते दबंग जनप्रतिनिधि की छवि बनाई। मधु श्रीवास्तव की छवि एक वर्ग में बाहुबली की है तो दूसरे वर्ग के रॉबिनहुड की है। अपने क्षेत्र के लोगों के सर्वसुलभ रहने वाले मधु श्रीवास्तव की अपनी लोकप्रियता है। यही वजह है कि बड़े-बड़े दिग्गज उन्हें नहीं हरा पाए और मधु श्रीवास्तव हर बार जीतते रहे। मधु श्रीवास्तव खुद विधायक रहते हुए अपने बेटे दीपक को पार्षद बनाया, लेकिन पिछले चुनावों में जब उनके बेटे को टिकट नहीं मिला तो माना गया कि अब बीजेपी मधु श्रीवास्तव से किनारा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आखिरकार वही हुआ और मधु श्रीवास्तव को टिकट नहीं मिला।

दो बार बने चेयरमैन
मधु श्रीवास्तव अपने तीन दशक के करियर में दो बार चेयरमैन भी बने। पहली बार वे बरोडा डेयरी के चैयरमैन बने और दो साल तक काम किया। पिछले कार्यकाल में उन्हें गुजरात सरकार ने कुछ समय के लिए एग्रो बोर्ड का चेयरमैन भी बनाया गया था। मधु श्रीवास्तव के जीवन में कई बड़ी चुनौतियां भी आईं,लेकिन हर बार वे जीतकर निकले। एक बार उनके क्षेत्र में जब उत्तर भारतीयों को भगाने की बात कही गई तो वे खड़े हो गए और डटकर मुकाबला किया। उनके इस स्टैंड ने उन्हें उतर भारतीय समुदाय में और अधिक लोकप्रिय बना दिया। यही वजह रही है कि गुजराती और उत्तर भारतीय मतदाताओं पर पकड़ के चलते छह बार जीत हासिल हुई। ऐसे में जब बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया है तो मधु श्रीवास्तव एक बार फिर से निर्दलीय चुनाव लड़ने जा रहे हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि मधु श्रीवास्तव पहली बार निर्दलीय ही जीते थे, अब वे फिर से जीत पाएंगे या नहीं यह नतीजों में पता चलेगा।

Latest articles

सिग्नलिंग कार्य के चलते भोपाल मेट्रो की टाइमिंग फिर बदली

भोपाल। भोपाल मेट्रो की संचालन समय-सारिणी में एक बार फिर बदलाव किया गया है।...

मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी महंगी, 1 अप्रैल से गाइडलाइन दरों में औसतन 16% बढ़ोतरी

भोपाल। मप्र में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है। सरकार ने...

परीक्षा देने आई छात्रा से होटल कर्मचारी ने किया दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर फंसाया

भोपाल। मप्र की राजधानी के मंगलवारा इलाके में एक होटल कर्मचारी द्वारा इंदौर की...

एमपी में सेहत से खिलवाड़: ग्वालियर मिलावट में नंबर-1, दूध-घी जैसे रोजमर्रा के 2000 से ज्यादा सैंपल फेल

भोपाल। मध्य प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध के दावों के बीच मिलावटखोरी का...

More like this

सीनियर एडवोकेट एचएस फूलका भाजपा में शामिल, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दीं शुभकामनाएं

चंडीगढ़/दिल्ली। पंजाब की राजनीति में बुधवार को उस समय बड़ा मोड़ आ गया जब...

पंजाब में गेहूं खरीद के पहले ही दिन मंडियों में पसरा सन्नाटा, 45 हजार आढ़ती हड़ताल पर

चंडीगढ़। पंजाब में आज से गेहूं की सरकारी खरीद का आगाज हो गया है,...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी बड़ी सौगात, यूनिफॉर्म के लिए दी राशि

जयपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बड़ी सौगात...