भोपाल
रूकमणी विवाह की प्रत्यक्ष रूप से झांकी प्रस्तुत की गई, रूकमणी विवाह को बड़े उत्साह व धूमधाम से सभी भक्तो के द्वारा मनाया। रूकमणी विवाह में शिवनगर के भक्तों ने तालियों की गूंज के साथ कृष्ण रूकमणी विवाह की खूब सराहना की मथुरा से पधारे हमारे गुरुदेव बद्री प्रसाद शास्त्री जी ने रूकमणी विवाह में व्यासपीठ से शिवनगर को शिवमय बताते हुए समस्त भक्तों का आभार व्यक्त किया । कथा के सप्तम दिवस में सुदामा चरित्र का वर्णन कर पूर्णाहुति कर महाप्रसाद वितरण कर कथा समाप्त हुई । मथुरा से पधारे परम पूज्य गुरुदेव बद्री प्रसाद जी शास्त्री द्वारा आयोजक परिवार को आशीर्वाद प्रदान किया । कथा को शिवनगर के सभी भक्तों ने बड़े उत्साह से हर्ष के साथ इस श्री मद्भागवत कथा को श्रवण किया ।
