बेंगलुरु\नई दिल्ली
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार के बाद जनता दल (सेक्युलर) (JDS) अस्तित्व का संकट झेल रही है। ऐसे में कहा जा रहा था कि वो बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA में शामिल हो सकती है। लेकिन अब इन अटकलों पर खुद पार्टी सुप्रीमो एच. डी. देवेगौड़ा ने ही विराम लगा दिया है। देवेगौड़ा ने साफ कर दिया है कि कि JDS अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी। किसी गठबंधन में शामिल नहीं होगी।
बेंगलुरु में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मैं आपको साफ तौर पर बता रहा हूं। हम किसी के साथ गठबंधन नहीं कर रहे हैं। हम चुनाव अकेले लड़ेंगे। चाहे हमारी पार्टी चाहे पांच सीटें जीते, या फिर छह, तीन, दो या फिर एक। हम अकेले ही लड़ेंगे। हम उन्हीं सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे जहां हम मजबूत हैं।
कुमारस्वामी से अलग देवेगौड़ा का बयान
देवेगौड़ा का ये बयान ऐसे वक्त आया है जब पिछले ही हफ्ते उनके बेटे कुमारस्वामी ने कहा था कि उनकी पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर मिलकर काम करेगी। साथ ही जब पिछले दिनों बीजेपी के 10 विधायकों को विधानसभा से सस्पेंड किया था, उस वक्त JDS विधायकों ने बीजेपी का समर्थन करते हुए विधानसभा से बायकॉट किया था।
NDA की बैठक में JDS शामिल नहीं थी
इसके बाद से ही लगने लगा था कि कुमारस्वामी BJP के करीब जा रहे हैं और अब NDA का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि इससे पहले 18 जुलाई को दिल्ली में हुई NDA की बैठक में JDS शामिल नहीं थी। उस वक्त कुमारस्वामी ने ये भी कहा था कि उन्हें बैठक को लेकर कोई न्योता नहीं दिया गया है।
