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Tuesday, March 17, 2026
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निशिकांत दुबे ने संसद में सुनाया स्पीड ब्रेकर और हाइवे का ‘दर्द’, गडकरी बोले- चाहे वो मिनिस्ट्री से हो, ऐक्शन लेंगे

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नई दिल्‍ली

लोकसभा में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने स्‍पीड ब्रेकर और हाइवे का दर्द सुनाया। उन्‍होंने बताया कि बेशक केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हाईवे को लेकर शानदार काम किया है। लेकिन, हाईवे पर जानवरों का आ जाना एक समस्‍या है। उन्‍होंने स्‍पीड ब्रेकर और अपने यहां के राजमार्गों की स्थिति का भी जिक्र किया। इसका केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जवाब दिया। उन्‍होंने एक मामले में मिनिस्‍ट्री से हुई देरी की बात को भी स्‍वीकार किया। साथ ही कहा कि ऐसा करने वालों को बख्‍शा नहीं जाएगा। उन्‍होंने भरोसा दिया कि जिन मसलों को निशिकांत दुबे ने उठाया है उन पर जरूर विचार किया जाएगा।

झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में यह कहकर अपनी बात शुरू की कि वह अपनी पीड़ा बताना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्‍व में NHAI बढ़‍िया काम कर रहा है। लेकिन, एनएच के काम स्‍टेट पीडब्‍ल्‍यूडी करता है। इस पर फिर मिनिस्‍ट्री का कोई अधिकार नहीं रहता है। कह सकते हैं कि वह किसी तरह के बंधन से बाहर हो जाता है।

न‍िश‍िकांत दुबे ने उठाया बड़ा मसला
एनएच 114ए का जिक्र करते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि गडकरी ने पांच साल पहले चार फ्लाईओवर का शिलान्‍यास किया था। इसी तरह एनएच 133 पर एनएचएआई आधा फोर लेन प्रोजेक्‍ट बना रहा है और आधा एनएच बना रहा है। इसके बावजूद चार फ्लाईओवर नहीं बने। उन्‍होंने गडकरी से पूछा कि वह इस पर कैसे कार्रवाई करेंगे? उनका एनएच बन जाए इसके लिए वह क्‍या कदम उठाएंगे?

गडकरी ने जवाब में कहा कि निशिकांत दुबे ने जो जानकारी दी है वह सोलह आने सही है। राज्‍य में स्‍टेट पीडब्‍ल्‍यूडी की ओर से काम होता है। उन्‍होंने बताया कि निशिकांत दुबे ने जिस एनएच का जिक्र किया है उसका टेंडर निकाला गया था। कॉन्‍ट्रैक्‍टर के स्‍लो प्रोग्रेस के कारण उसे टर्मिनेट किया गया। अब नया टेंडर निकाला गया है। इस नए टेंडर को निकालने में काफी देरी हुई है। यह देरी उनकी मिनिस्‍ट्री में ही हुई है। इसकी समुचित जांच की जाएगी। समय का बंधन जरूर होना चाहिए। जिन्‍होंने देरी की है चाहे वो मिनिस्‍ट्री के हों या स्‍टेट पीडब्‍ल्‍यूडी के, उनके खिलाफ ऐक्‍शन होगा।

तीन समस्‍याओं का क‍िया ज‍िक्र
फिर निशिकांत दुबे ने राजमार्ग से जुड़ी तीन और समस्‍याओं का जिक्र किया। वह बोले – एक समस्‍या यह है कि राजमार्गों के किनारे लोग घर बनाए ले रहे हैं। इसे एनएच कंट्रोल नहीं कर पा रहा है। दूसरी समस्‍या स्‍पीडब्रेकरों की है। ये रात में दिखाई नहीं देते हैं। ये एक्‍सीडेंट का कारण बनते हैं। तीसरा जानवरों के सड़क पर आ जाने का विषय है।

गडकरी ने कहा कि मंत्रालय ने बहुत अच्‍छे हाईवे बनाए हैं। लेकिन, देखने में आया है कि रात में किसान जानवरों को इन हाईवे पर छोड़ देते हैं। ये एक्‍सीडेंट का कारण बनते हैं। राज्‍य सरकारों को कानून के मार्फत इस पर रोक लगाने को कहा जाएगा। रोड क्‍वालिटी सुधरने के कारण जो एक्‍सीडेंट बढ़े हैं, उनके लिए रोड सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है।

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