12 C
London
Tuesday, March 17, 2026
Homeराज्यउत्तरकाशी के स्कूल में अचानक रोने-चिल्लाने लगीं छात्राएं, पैरेंट्स बोले- दैवीय प्रकोप,...

उत्तरकाशी के स्कूल में अचानक रोने-चिल्लाने लगीं छात्राएं, पैरेंट्स बोले- दैवीय प्रकोप, डॉक्टर ने कही बड़ी बात

Published on

देहरादून/उत्तरकाशी

जनपद के धौंतरी में स्कूल के नए भवन में बैठने के कुछ देर बाद ही छात्राएं अचानक रोने लगी और चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। कुछ छात्राएं बेहोश भी हो गई। अभिभावक जहां इसे दैवीय प्रकोप मान रहे हैं। वहीं चिकित्सक से मास हिस्टीरिया बता रहे हैं। जनपद उत्तरकाशी के धौंतरी उप तहसील के राजकीय इंटर कॉलेज कमद में बच्चे जब 1 सप्ताह के बाद स्कूल पहुंचे और नए भवन की कक्षाओं में बैठे तो अचानक से कुछ छात्राएं जोर जोर से रोने और चीखने लगी। एक दूसरे की देखा देखी में कई छात्राओं का चीखना चिल्लाना शुरू हो गया और वह लगातार रोए जा रही थी।

बताया जा रहा है कि बुधवार को भी कुछ बच्चे बेहोश हो रहे थे। आज अचानक से रोते हुए 10 छात्राएं बेहोश हो गई। इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों ने छात्राओं को खुले मैदान में निकाला तो वे और ज्यादा चिल्लाने लगी। छात्राओं के इस तरह के व्यवहार को देखकर अभिभावकों ने इसे दैवीय प्रकोप माना और बच्चों को देव पशुओं के पास झड़पों के लिए ले गए। अभिभावकों का कहना था कि शिक्षा विभाग को इस मामले का संज्ञान लेकर का समाधान किया जाना चाहिए।

बता दें कि कुछ समय पहले कुमाऊं मंडल के चंपावत जिले में भी एक ऐसा ही मामला आया था।। जिला मुख्यालय से 93 किलोमीटर दूर जीआईसी रमक में कुछ छात्राएं की तरफ से एक साथ रोने और चीखने लगी थी। उत्तरकाशी में भी अब इस तरह का मामला आने से स्कूल प्रबंधन और अभिभावक अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं। यहां 39 छात्राएं इस तरह का व्यवहार कर रही है।

शिक्षा विभाग के अधिकारी और चिकित्सक इसे मास हिस्टीरिया बता रहे हैं। अभिभावक इसे दैवीय प्रकोप मानकर झाड़-फूंक में लगे हैं । डॉक्टर के अनुसार मास हिस्टीरिया मनोवैज्ञानिक समस्या या मनोविकार है। समस्या के चलते व्यक्ति कई बार और सामान्य हरकत करने लगता है। अक्सर वह अन्य लोगों की नकल करता है। इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति भीतर ही भीतर घुट रहा होता है और वह अपनी बात किसी से कह नहीं पाता।

ऐसे मरीज दूसरे को झूमते या चीखते चिल्लाते देखते हैं तो वह भी उसकी नकल करने लगते हैं। इसी को मोटे तौर पर इसी को मास हिस्टीरिया कहा जाता है। ऐसे में अक्सर लोग देवी देवताओं के पास झाड़-फूंक के लिए जाते हैं। यह समस्या अक्सर उन लोगों के साथ आती है जो किसी न किसी वजह से अपनी बातों या अपनी समस्याओं मो खुलकर नहीं कह पाते हैं।

इस समस्या से ग्रसित मरीज को पेट या सिर में दर्द होता है। वह अपने बालों को नोंचने लगता है और रोते चिल्लाते हुए इधर उधर इधर-उधर भागने लगता है। या फिर थोड़ी देर के लिए बेहोश होकर अकड़ जाता है। ऐसे व्यक्ति को भूख और नींद भी कम आती है।

 

Latest articles

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

हमीदिया अस्पताल फायरिंग: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, घायल हिस्ट्रीशीटर के साथ पहुंचे जवान भी थे निहत्थे

भोपाल हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस...

मप्र में पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू, एसबीआई बनेगा एग्रीगेटर बैंक

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते...

ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा 2026: स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...