नई दिल्ली
बॉलीवुड एक्टर सनी देओल की फिल्म गदर-2 बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है। इस बीच एक अन्य वजह से भी वह चर्चा में हैं। मुंबई में उनका बंगला फिलहाल नीलाम होने से बच गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने सनी देओल के जुहू स्थित विला की नीलामी के लिए एक नोटिस जारी किया था। लेकिन इस सरकारी बैंक ने नोटिस वापस ले लिया है। बैंक का कहना है कि तकनीकी कारणों से इस नोटिस को वापस लिया गया है। बैंक के नोटिस के मुताबिक सनी देओल पर उसका करीब 56 करोड़ रुपये का बकाया है। बैंक ने उनके बंगले का रिजर्व प्राइस 51.43 करोड़ रुपये रखा गया था। अब बैंक का कहना है कि सनी देओल ने अपना बकाया चुकाने के लिए उससे संपर्क साधा है। जानिए क्या हैं वे तकनीकी कारण जिनके कारण बैंक ने अपना नोटिस वापस लिया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने नोटिस वापस लेने के पीछे दो तकनीकी कारण गिनाए हैं। बैंक का कहना है कि कुल बकाये में इस बात का उल्लेख नहीं था कि सनी देओल से कुल कितनी रकम वसूल की जानी है। दूसरा मसला ह है कि सेल नोटिस सिक्योरिटी इंटरेस्ट (इनफोर्समेंट) रूल्स 2002 के नियम 8 (6) के मुताबिक प्रॉपर्टी के सांकेतिक कब्जे पर आधारित था। बैंक ने कहा कि उसने एक अगस्त, 2023 के फिजिकल पजेशन के लिए आवेदन किया था। यह अभी पेंडिंग है। फिजिकल पजेशन मिलने के बाद ही सरफेसी कानून की प्रावधानों के तहत इसकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
सनी देओल की देनदारी और संपत्ति
बैंक का कहना है कि सेल नोटिस को नॉर्मल इंडस्ट्री प्रैक्टिस के मुताबिक वापस लिया गया है। कई दूसरे मामलों में भी ऐसा किया गया है। बैंक ने 19 अगस्त को सनी देओल के जूहू वाले बंगले सनी विला (Sunny Villa) की 25 सितंबर को नीलामी के लिए नोटिस जारी किया था। अगले दिन यानी 21 अगस्त को इसे वापस ले लिया। कांग्रेस ने बैंक के इस फैसले पर सवाल उठाए थे। सनी देओल लोकसभा सदस्य भी हैं। साल 2019 लोकसभा चुनाव में दाखिल सनी देओल के हलफनामे के मुताबिक उन पर 53 करोड़ रुपये की देनदारी और 87 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।
