पन्ना,
मध्य प्रदेश के पन्ना में सड़क नहीं होने के कारण विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ की बात कही थी. इस पर उन्हें अधिकारी और नेताओं ने आश्वासन दिया गया तो कुशवाहा समाज के 40 लोग मतदान के लिए तैयार हो गए लेकिन अन्य लोग तैयार नहीं हुए. अधिकारी मतदान करवाकर चले गए लेकिन ग्रामीणों में इस वजह से दुश्मनी हो गई. पीड़ितों का कहना है, अब गांव के दबंगों ने प्रतिबंध लगाया है कि गांव का कोई भी व्यक्ति कुशवाहा समाज के लोगों की सब्जी-भाजी नहीं खरीदेगा. न ही कोई शादी-विवाह के निमंत्रण देगा.
‘मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करने पर रोक लगा दी गई’
इतना ही नहीं मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करने और पूजा पर भी रोक लगा दी गई है. मामला जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ी महोड़ का है. यहां कुशवाहा समाज के लोगों को विधानसभा चुनाव में मतदान करने की सजा मिल रही है. लोगों का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है.
हर चुनाव में लोगों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ की बात कही
पीड़ित लोगों ने कई बार शिकायत की. मगर, उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. इससे परेशान होकर लोगों ने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है. कलेक्टर ने गांव में पुलिस प्रशासन भेजकर सुलह करवाए जाने की बात कही है. विवाद की जड़ सड़क को बनवाने की भी बता कही है. जब-जब चुनाव हुए यहां के लोगों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ की बात कही.
‘सब्जी की बिक्री पर पाबंदी, हमें वोट डालने की सजा मिल रही’
हर बार नेता और अधिकारी आश्वासन आश्वासन देते रहे लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी गांव को सड़क नहीं मिल सकी. जुग्गी कुशवाहा, चंद्रभान कुशवाहा और मना बाई ने बताया कि हम लोग माहौल तहसील पवई थाना सिमरिया के निवासी हैं. हम लोगों की सब्जी-भाजी की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है. हमें वोट डालने की सजा मिल रही है. पन्ना के कलेक्टर हरजिंदर सिंह ने कहा कि मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली थी, जिस पर एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस को मौके पर भेजा गया. दोनों समुदाय में सुलह करवा दी गई है. अब कोई विवाद नहीं है. जहां तक बात सड़क की है तो वो जल्द बनवा दी जाएगी.
