16.4 C
London
Tuesday, April 28, 2026
Homeभोपाल'शारीरिक अंतरंगता से इनकार करना मानसिक क्रूरता', फैसला सुनाते हुए बोला HC

‘शारीरिक अंतरंगता से इनकार करना मानसिक क्रूरता’, फैसला सुनाते हुए बोला HC

Published on

नई दिल्ली,

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि एक महिला द्वारा अपने पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना “मानसिक क्रूरता” है और यह उसके लिए (पति) हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक लेने का वैध आधार है. सुदीप्तो साहा और मौमिता साहा से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने यह आदेश 3 जनवरी को पारित किया.

जस्टिस शील नागू और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट के 2014 के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसने सुदीप्तो को तलाक देने से इनकार कर दिया था. हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा, “शादी पूरी ना होना और शारीरिक अंतरंगता से इनकार करना मानसिक क्रूरता के बराबर है.”

2006 में हुई थी शादी
सुदीप्तो द्वारा दायर याचिका के अनुसार, उन्होंने मौमिता से तलाक की मांग की थी. मौमिता ने 12 जुलाई 2006 को शादी के दिन से लेकर 28 जुलाई 2006 को पति के भारत से बाहर चले जाने तक लगातार संबंध बनाने से इनकार कर शादी को संपन्न नहीं होने दिया था. सुदीप्तो के मुताबिक, मौमिता ने उससे कहा कि उसके माता-पिता ने उसे शादी करने के लिए मजबूर किया था और उसने सुदीप्तो के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया क्योंकि उसका पहले से ही एक प्रेमी था.

याचिका के अनुसार, पश्चिम बंगाल में अपनी शादी के बाद, उसने सुदीप्तो से कहा था कि वह उसे उसके प्रेमी को सौंप दे. भोपाल में अपने घर पहुंचने के बाद भी उसने उनकी शादी से इनकार कर दिया. सुदीप्तो ने बताया कि मौमिता ने सितंबर 2006 में भोपाल में अपना वैवाहिक घर छोड़ दिया और फिर कभी वापस नहीं लौटीं.

पत्नी ने ‘झूठी शिकायत’ दर्ज कर ऐंठ लिए 10 लाख!
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पूर्व पत्नी ने 2013 में उनके और उनके माता-पिता के खिलाफ “झूठी शिकायत” भी दर्ज कराई थी और कहा था कि दहेज के मामलों को लेकर उन्होंने उसे परेशान किया और प्रताड़ित किया. इसके अलावा, मौमिता ने आरोप लगाया कि सुदीप्तो और उसके परिवार ने साड़ी से उसका गला घोंटने की कोशिश की और उसे आग लगाने की कोशिश की. इसकी वजह से सुदीप्तो के माता-पिता ने लगभग 23 दिन हिरासत में बिताए.

सुदीप्तो ने बताया कि उमौमिता ने समझौते के तौर पर उसके पिता (सुदीप्तो के) से 10,00,000 रुपये प्राप्त किए और भोपाल के एक पुलिस स्टेशन में एक और रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद तलाक की याचिका पर हस्ताक्षर किए.

पैसे लेने के बाद भी तलाक देने से किया था इनकार
हालाँकि, बाद में पत्नी ने सक्षम अदालत के समक्ष हस्ताक्षरित याचिका प्रस्तुत करने से इनकार कर दिया. इसके बाद सुदीप्तो ने तलाक के लिए भोपाल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए उनके अनुरोध को खारिज कर दिया कि तलाक के लिए कोई आधार नहीं है. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसने अंततः उनके तलाक को मंजूरी दे दी.

Latest articles

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...

More like this

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

इंदौर में 24 मई को आयोजित होगा तैलिक साहू राठौर महासभा का राष्ट्रीय अधिवेशन

इन्दौर। भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा इंदौर संभाग द्वारा आगामी 24 मई 2026 को...

एमपी में मौसम के दोहरे तेवर: भीषण गर्मी के बीच आंधी-बारिश और ओलों की मार, कई शहरों में टूटे रिकॉर्ड

भोपाल। मप्र में इन दिनों कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे...