दमोह,
मध्य प्रदेश के दमोह जिला से एक वीडियो वायरल हुआ है, जहां एक घायल बुजुर्ग को अस्पताल से घर ले जाने के लिए कोई भी सरकारी वाहन नहीं मिला. जिसके बाद परिजन उसे मालवाहक ऑटो से सामान पर लिटाकर ले गए. पीड़ित के परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस के लिए काफी कोशिशें की गईं लेकिन नहीं मिली. इस मामले पर आरएमओ विशाल शुक्ला का कहना है कि जब मरीज को छुट्टी दी जाती है तो वह उसे सरकारी वाहन नहीं दिया जाता है.
बता दें, बुजुर्ग का पैर टूट गया था जिसके चलते उन्हें जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया था. सोमवार को बुजुर्ग की छुट्टी दी गई थी और परिजन उसे लेने अस्पताल पहुंचे थे.
मालवाहक ऑटो पर लिटाकर बुजुर्ग मरीज को ले जाया गया
घर ले जाने के लिए उनके पास कोई साधन नहीं था. जिसके बाद उसे एक मालवाहक ऑटो से ले जाना पड़ा. ऑटो पर पहले अनाज की बोरियां रखी. फिर बुजुर्ग को उस पर लिटाया गया. मौके पर मौजूद किसी ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
5 साल तक के बच्चे को घर छोड़ने के लिए मिलती एंबुलेंस
इस मामले पर RMO डॉक्टर विशाल शुक्ला ने बताया कि प्रसूता महिलाओं और पांच साल तक के बच्चे को घर छोड़ने के लिए सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था की जाती है. ऐसा कोई भी नियम नहीं है कि मरीज को उसके घर छोड़ने के लिए सकीय वाहन उपलब्ध कराया जाए. दूसरी बात यह है कि किसी भी मरीज के परिजन ने घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस के संबंध में कोई बात भी अस्पताल प्रबंधन से नहीं की.
