— बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन
भोपाल
विश्व में सबसे प्राचीन और समृद्ध भारतीय ज्ञान परम्परा है। अमेरिका और ब्रिटेन की अपनी कोई मौलिक ज्ञान परम्परा नही रही। विश्वविद्यालयों की अवधारणा का विकास भारत से ही हुआ है। आधुनिक संदर्भों में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रत्येक प्राणी और पूरे विश्व कल्याण के लिए है। इसमें नैतिकता और समृद्धि का साथ—साथ समावेश है। यह विचार अटलबिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति डा.एडीएन वाजपेयी व अर्थशास्त्र दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय नागपुर की विभागाध्यक्ष डॉ रितु तिवारी ने विषय विशेषज्ञ के रुप में व्यक्त किए। वह भेल क्षेत्र के बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उच्च शिक्षा द्वारा प्रायोजित तथा महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित “आधुनिक संदर्भ में भारतीय ज्ञान परम्परा” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबीनार को संबोधित कर रहे थे।
डॉ वाजपेयी ने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हमारी शिक्षा भारत को ग्लोबल सुपर पावर बनने में सहायक हो, राष्ट्रीय शिक्षा नीति—2020 इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही हैै। वेबीनार के प्रारंभ में प्राचार्य डॉ.संजय जैन ने कुलपति डॉ.एडीएन वाजपेई और डॉ रितु तिवारी का स्वागत करते हुए महाविद्यालय का सौभाग्य माना कि उन्हें न केवल राष्ट्रीय वरन अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विद्वानों से भारतीय ज्ञान परम्परा जानने का अवसर मिल रहा है। इस अवसर पर चयनित शोधार्थियों द्वारा अपने शोधपत्र का वाचन किया गया।
