10.3 C
London
Tuesday, March 17, 2026
Homeराजनीतिजीत के बाद बागियों को संदेश? समझिए अमित शाह को ही क्यों...

जीत के बाद बागियों को संदेश? समझिए अमित शाह को ही क्यों मिली सैनी सरकार के गठन की जिम्मेदारी

Published on

नई दिल्ली

हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद एक तरफ जहां जम्मू-कश्मीर में एनसी-कांग्रेस गठबंधन के नेता उमर अब्दुल्ला ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है, तो दूसरी ओर BJP ने भी हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनाने की तैयारियां तेज कर दी हैं। आज पार्टी ने सरकार गठन के लिए दो पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है और चौंकाने वाला नाम गृहमंत्री अमित शाह का है। BJP ने अमित शाह और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव को हरियाणा में पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा है।

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने हरियाणा चुनाव में जमकर प्रचार किया था और BJP की जीत में अहीरवाल बेल्ट एक फैक्टर भी साबित हुआ है। उनसे अलग गृहमंत्री अमित शाह का पर्यवेक्षक बनाया जाना अहम माना जा रहा है क्योंकि वे आम तौरपर ऐसी जिम्मेदारियां निभाते नहीं दिखते हैं। इसीलिए उनके हरियाणा जाने के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।

बार बार बदल रही थी शपथग्रहण की तारीख
दरअसल, 8 अक्टूबर को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद यह कहा गया था कि नई सरकार का 12 अक्टूबर को दशहरे के दिन शपथग्रहण समारोह होगा लेकिन फिर यह तारीख बदल दी गई। इसके बाद यह तारीख 15 अक्टूबर रखी गई लेकिन फिर इसे भी बदल दिया गया।अब सैनी सरकार के गठन की तारीख 17 अक्टूबर रखी गई है। शपथग्रहण की तारीखों का बार बार बदलना बीजेपी के लिए किरकिरी का संकेत माना जा रहा था।

सीएम पद को लेकर खींचतान
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान रैलियों में अमित शाह और पार्टी आलाकमान ने सीधे तौर पर नायब सिंह सैनी को ही सीएम प्रोजेक्ट किया था। पार्टी ने उनके चेहरे पर ही चुनाव लड़ा लेकिन सीएम को लेकर खींचतान का दौर लगातार जारी रहा।

अनिल विज ने किया था दावा- वोटिंग से लेकर नतीजों के दिन तक, पूर्व मंत्री अनिल विज की सीएम पद को लेकर महत्वाकांक्षा देखने को मिली थी। उन्होंने तो खुलकर यह तक कह दिया था कि अगली मुलाकात सीएम आवास में होगी। हालांकि, उन्होंने आखिरी में यह जरूर कहा था कि फैसला आलाकमान का होगा। इसके पहले जब मार्च में मनोहर लाल खट्टर को सीएम पद से हटाकर नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया गया था, तो अनिल विज नाराज हो गए थे और वे शपथ-ग्रहण समारोह तक में शामिल नहीं हुए थे।

राव इंद्रजीत सिंह को लेकर भी थीं खबरें – दूसरी ओर चुनाव में जीत के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के भी सीएम दावेदार होने की खबरें सामनें आईं। यह तक कहा गया कि वे अपने खेमे के 9-10 विधायकों के साथ बागी रुख भी अपना सकते हैं। हालांकि आज उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इन सारी बातं को खारिज कर दिया था। इस पूरे घटनाक्रम ने सीएम पद को लेकर एक असमंजस की स्थिति पैदा कर दी थी। ऐसे में अमित शाह पर्यवेक्षक के तौर पर हरियाणा में सरकार गठन के दौरान मौजूद होना सियासी तौर पर अहम माना जा रहा है।

कैबिनेट को लेकर भी होगी मॉनिटरिंग
केवल सीएम पद ही नहीं, बल्कि कैबिनेट को लेकर भी बीजेपी में अंदरखाने टकराव की स्थिति बताई जा रही है। इसके चलते विधायक दल की बैठक कराने से लेकर मुख्यमंत्री के उनकी कैबिनेट के शपथ ग्रहण तक सारे घटनाक्रम पर बीजेपी के कथित चाणक्य अमित शाह की निगाह होगी।

Latest articles

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

हमीदिया अस्पताल फायरिंग: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, घायल हिस्ट्रीशीटर के साथ पहुंचे जवान भी थे निहत्थे

भोपाल हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस...

मप्र में पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू, एसबीआई बनेगा एग्रीगेटर बैंक

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते...

ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा 2026: स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और...

More like this

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की मुलाकात

भोपाल मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र...

भोपाल नगर निगम फर्जी बिल घोटाला: लोकायुक्त ने सर्वर की हार्ड डिस्क जब्त की, 10 साल का रिकॉर्ड जांच के दायरे में

भोपाल राजधानी भोपाल नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपये...