ढाका:
आतंकवादियों को जेल से रिहा करने के बाद अब बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने आतंकवादी संगठनों के सदस्यों को शासन में अहम जिम्मेदारी भी देने लगी है। अंतरिम सरकार ने आतंकवादी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HuT) बांग्लादेश के संस्थापक सदस्य रहे नसीमुल गनी को गृह सचिव नियुक्त किया है। गनी इससे पहले बीएनपी नेता जमीर उद्दीन सरकार के निजी सचिव रह चुके हैं। हालांकि, नसीमुल गनी हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़े अकेले नहीं है, जिन्हें यूनुस सरकार ने अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
यूनुस का करीबी भी HuT सदस्य
अंतरिम सलाहकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रमुख सहयोगियों में से एक महफूज आलम भी हिज्ब-उत-तहरीर से जुड़े रहे हैं। अंतरिम सरकार में सलाहकार बनाए गए महफूज आलम को शेख हसीना की सरकार गिराने वाले हिंसक आंदोलन का मास्टरमाइंड माना जाता है। हाल ही में आलम ने सोशल मीडिया पोस्ट की थी, जिसमें भारत के कुछ हिस्सों को मिलाकर ग्रेटर बांग्लादेश बनाने की वकालत की थी। बाद में इसे हटा दिया गया था। भारत ने इस पोस्ट पर विरोध जताया था।
शेख हसीना को हटाने में अहम भूमिका
बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ शुरु हुए छात्र आंदोलन को हिज्ब-उत-तहरीर ने जमात-ए-इस्लामी, इस्लामी आंदोलन और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम के साथ मिलकर हाईजैक कर लिया था। जुलाई में हिंसक आंदोलन के बाद 5 अगस्त को प्रधानमंत्री को शेख हसीना को सत्ता से बेदखल होना पड़ा था। उन्होंने देश से भागकर भारत में शरण ली है।
क्या है हिज्ब-उत-तहरीर?
हिज्ब-उत-तहरीर की बांग्लादेश शाखा की स्थापना साल 2000 में की गई थी। कथित तौर पर ढाका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सैयद गुलाम मौला के निर्देशन में नसीमुल गनी और कावसर शाहनवाज ने इसकी नींव रखी थी। उस दौरान बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी का गठबंधन सत्ता में था। साल 2009 में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार ने हिज्ब-उत-तहरीर पर प्रतिबंध लगा दिया था। साल 2013 से इस समूह के कई नेताओं पर आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप लगा है, जिनमें दर्जनों लोग मारे गए हैं।
