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Tuesday, April 28, 2026
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भेल की थ्रिफ्ट सोसायटी का विवाद सीटू यूनियन तक पहुंचा, दो पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे

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भेल भोपाल।

बीएचईई थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के घमासान को लेकर नया घटनाक्रम हुआ है। थ्रिफ्ट सोसाइटी में हुए हालिया दलबदल व अन्य घटनाओं से आहत होकर महालक्ष्मी समूह और सत्यमेव जयते पैनल ने भेक्टू सीटू यूनियन से अपना समर्थन वापस ले लिया है तथा मेडिकल कमेटी, सेफ्टी कमेटी और दो स्पेशल पास वापस करने का निर्णय लिया है।

सत्यमेव जयते पैनल के संयोजक और सीटू यूनियन के मेडिकल कमेटी मेंबर नरेश सिंह जादौन ने कहा कि सत्यमेव जयते पैनल के उम्मीदवार बनाने से पूर्व सभी प्रत्याशियों से स्टांप पेपर पर मुद्दों से संबंधित शपथ पत्र लिया गया था कि जो कोई भी जीते वह स्वहित छोड़कर जनहित के लिए शपथ पत्र अनुसार कार्य करेगा, परन्तु वर्तमान में हुआ दलबदल न सिर्फ शपथ पत्र का स्पष्ट उल्लंघन है बल्कि संचालकों के कृत्य से संस्था की छवि धूमिल हुई है।

इसलिए सत्यमेव जयते पैनल के तीनों संचालको ने अपने स्टांप पेपर पर दिये शपथ पत्र को तोड़कर स्वयं को सत्यमेव जयते पैनल से अलग कर लिया है। सत्यमेव जयते पैनल में उनका भविष्य सत्ता में रहकर भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष, शपथ पत्र को पूर्ण करने के प्रयास तथा देवतुल्य सदस्यों की भावना अनुसार निर्धारित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भेक्टू सीटू यूनियन के साथ हुएं समझौते के अनुसार उन्हें शुद्ध रूप से यूनियन की राजनीति करनी है, परंतु सीटू यूनियन ने न सिर्फ दलबदल की राजनीति को थ्रिफ्ट सोसाइटी जैसी संस्था में बढ़ावा दिया अपितु उसका खुला बचाव किया है।

वर्तमान में यूनियन चुनाव 2027 की लड़ाई सभी सदस्यों की दुःख सुख की साथी मां समान संस्था थ्रिफ्ट सोसाइटी को रणक्षेत्र बनाकर लड़ी जा रही है। इसमें भले ही थ्रिफ्ट सोसाइटी की बलि लग जाए। इस सबके बावजूद भी भेक्टू सीटू यूनियन को समर्थन जारी रखना सत्यमेव जयते के उच्च मापदंडों के विरुद्ध है और सत्ता का लालच कहा जाएगा। महालक्ष्मी समूह के संरक्षक कैलाश नारायण मालवीय ने कहा कि हालिया दल-बदल से सम्मानित सदस्यों का चुनाव के घोषणा पत्र एवं पैनलों से विश्वास कम हुआ है उनके इस कृत्य से थ्रिफ्ट सोसाइटी में परांपरागत राजनीति के दोष प्रवेश कर गया है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाना नितांत आवश्यक हो गया है।

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नारायण बरखानिया ने कहा कि साथियों से चर्चा उपरांत थ्रिफ्ट सोसाइटी के सदस्य और कर्मचारी हित को ध्यान में रखकर एचएमएस यूनियन में शामिल होने का निर्णय लिया गया है क्योंकि एसएमएस यूनियन में थ्रिफ्ट सोसाइटी के वर्तमान निंदनीय घटनाक्रम से स्वयं को दूर रखा है। एचएमएस यूनियन के शीर्ष नेतृत्व ने आश्वासन दिया है कि नरेश सिंह जादौन और उनके साथियों को उच्च सम्मान दिया जाएगा, लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि नरेश सिंह जादौन और उनके समूह के एचएमएस यूनियन में शामिल होने से एसएमएस यूनियन, यूनियन चुनाव 2027 में सबसे आगे खड़ी हुई दिखाई दे रही है।

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