भोपाल।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भोपाल में आयोजित हिंदू सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ हो गया। कैंपियन ग्राउंड के समीप आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से की गई। उद्घाटन सत्र में एक विशेष नाटक का मंचन किया गया, जिसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। नाटक के माध्यम से यह दर्शाया गया कि अमेजन, उबर, पिज्जा हट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते उपयोग के कारण देश विदेशी उत्पादों और सेवाओं पर लगातार निर्भर होता जा रहा है। प्रस्तुति में यह संदेश दिया गया कि स्वदेशी विकल्पों की अनदेखी से देश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मंचन के दौरान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को भी नाटक का हिस्सा बनाया गया। इसमें पाकिस्तान को चीन का करीबी सहयोगी बताया गया, जबकि अमेरिका को भारत के हितों के विरुद्ध खड़ा दिखाया गया। नाटक के जरिए यह समझाने का प्रयास किया गया कि वैश्विक स्तर पर कुछ शक्तियां भारत के बढ़ते प्रभाव से असहज हैं और परोक्ष रूप से देश के खिलाफ गतिविधियों में संलग्न हैं। कार्यक्रम में स्वदेशी के महत्व को रेखांकित करते हुए आम जनजीवन में देशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। ‘प्रिया’ नामक नाटक के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को प्रस्तुत करते हुए विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया गया।
