संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन सदन में भारी गहमागहमी और हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध की स्थिति पर दिए गए बयान के बाद विपक्ष ने कड़ा विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।
विदेश मंत्री का बयान और चुनौतियां सदन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में ईरान की लीडरशिप (नेतृत्व स्तर) से संपर्क करना बेहद कठिन है। उन्होंने भारत का रुख साफ करते हुए कहा कि भारत इस पूरे संकट में शांति और निरंतर बातचीत के पक्ष में खड़ा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ईरान के विदेश मंत्री ने हाल ही में ईरानी युद्धपोत ‘लावन’ को कोच्चि पोर्ट पर डॉक करने की अनुमति देने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया है। हिंद महासागर में मौजूद ईरान के तीन जहाजों में से एक को भारत ने शरण प्रदान की है।
भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय है और ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। दूतावास ने वहां मौजूद कई भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने में मदद की है। इसके अलावा, व्यापार के सिलसिले में ईरान गए भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया के रास्ते भारत लौटने में सहायता प्रदान की गई है। सरकार भारतीय समुदाय को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष की मांग और लोकसभा में घमासान दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मिडिल ईस्ट जंग का भारत पर होने वाले असर और संभावित ऊर्जा संकट पर ‘शॉर्ट डिबेट’ कराने की मांग उठाई। लोकसभा में भी स्थिति तनावपूर्ण रही, जहाँ विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने का प्रस्ताव पेश किया, जिसके चलते सदन में जमकर हंगामा हुआ।
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