मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। राज्य सरकार की एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के माध्यम से प्रदेश के हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को नए अवसर मिल रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को अहम बताया है। उनके ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान सरकार इस नीति के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इस नीति के तहत प्रत्येक जिले के प्रमुख उत्पाद का चयन किया गया है, जिससे स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल का बेहतर उपयोग हो सके।
इसके माध्यम से उद्यमियों को तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार की इस नीति के तहत नए सूक्ष्म और लघु उद्यम स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का अधिकतम 25 प्रतिशत (अधिकतम 25 लाख रुपये) तक मार्जिन मनी सब्सिडी दी जा रही है। वहीं तकनीकी उन्नयन के लिए आधुनिक तकनीक और सॉफ्टवेयर खरीदने पर 50 प्रतिशत तक (अधिकतम 5 लाख रुपये) की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन तथा बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर किए गए खर्च का 75 प्रतिशत तक, अधिकतम 3 लाख रुपये तक पुनर्भरण दिया जाएगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जुड़ने के लिए दो वर्षों तक प्रति वर्ष 1 लाख रुपये तक की सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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