भोपाल। राजधानी के रविंद्र भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘केएफ रूस्तमजी पुरस्कार’ से अलंकृत किया। यह सम्मान वर्ष 2019-20 और 2021-22 की अवधि में नक्सल विरोधी अभियान, दस्यु उन्मूलन और कानून व्यवस्था बनाए रखने जैसे साहसिक कार्यों के लिए प्रदान किया गया है। कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
पुरस्कारों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया था परम विशिष्ट श्रेणी 7 अधिकारियों को 5 लाख रुपये या हथियार। अति विशिष्ट श्रेणी 8 अधिकारियों को 2 लाख रुपये या हथियार। विशिष्ट श्रेणी 86 अधिकारियों को 50 हजार रुपये की सम्मान राशि दी गई। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस जवानों के कल्याण के लिए बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार जवानों के आवास की चिंता करेगी और इसके लिए हाउसिंग बोर्ड व प्राधिकरणों से चर्चा की जाएगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि अब ये पुरस्कार हर साल दिए जाएंगे ताकि पेंडिंग न रहें। साथ ही उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में पुलिस विभाग में 10 हजार नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने पुलिस के मनोबल को बढ़ाते हुए कहा कि अब डीजी (DG) स्तर के अधिकारी 50 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि स्वीकृत कर सकेंगे।
डीजीपी कैलाश मकवाना ने विभाग के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए अपने पिता के पुलिस सेवा से जुड़े संघर्ष का भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश को अगले तीन वर्षों में नारकोटिक्स ड्रग्स से मुक्त करना विभाग का मुख्य लक्ष्य है। साथ ही उन्होंने सिंहस्थ 2028 की चुनौतियों और साइबर क्राइम से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों (जैसे ई-जीरो FIR) की भी जानकारी दी। डीजीपी ने पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन और जांच अधिकारियों के लिए ‘इन्वेस्टिगेशन अलाउंस’ जैसे प्रस्तावों पर भी सरकार से सहयोग की उम्मीद जताई।
