भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल जंक्शन से दर्जनों ट्रेनें गुजरती हैं। इसमें निशातपुरा से भोपाल जंक्शन के बीच खासतौर पर रात दो बजे से सुबह पांच बजे के तीन घंटे बेहद खतरनाक होते हैं । दरअसल, इस दौरान आउटर पर धीमी होने वाली ट्रेनों में घुसकर झपटमार कई महीनों से सिलसिलेवार दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुके हैं । भोपाल जीआरपी पुलिस ने चौबीस घंटों के भीतर में सिलसिलेवार हुई झपटमारी की पांच वारदातों में प्रकरण दर्ज किया है, जिसमें सोने-चांदी के जेवरात, मोबाइल, नकदी समेत करीब चार लाख रुपए का माल है । सबसे ज्यादा झपटमारों ने एसी कोच को निशाना बनाया है, जिसमें क्षिप्रा एक्सप्रेस में दो महिलाएं शामिल हैं ।
पुलिस के अनुसार अरुणा श्रीवास्तव पति एसके श्रीवास्तव उम्र 64 साल क्षिप्रा एक्सप्रेस में यात्रा कर रही थीं । वे परिवार के साथ उज्जैन स्थित महाकाल दर्शन करने आई थीं । दर्शन करके वापस लौटते वक्त ट्रेन जब संत हिरदाराम नगर से होते हुए भोपाल जंक्शन के बीच पहुंची तो झपटमारों ने उनसे पर्स छीन लिया, जिसमें 20 हजार रुपए नकद थे । इसी तरह विभोर जैन ने भी चोरी का मामला दर्ज कराया है, जो भोपाल के कोलार रोड के निवासी हैं । जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस में उनकी पत्नी नेहा जैन का बैग चोरी हुआ, जिसमें उपहारों के अलावा नकदी और करीब 25 हजार रुपए का माल चोरी गया है ।
इसी तरह क्षिप्रा एक्सप्रेस के एसी कोच बी-3 में गीता शर्मा के साथ झपटमारी हुई । वे इंदौर से ट्रेन में सवार हुई थीं, तभी भोपाल जंक्शन से पूर्व ट्रेन धीमी होने पर एक लड़का भीतर घुसा और उनका बैग छीनकर भाग गया । बैग में 20 हजार रुपए, मोबाइल और कैंसर की दवाइयां थीं । इससे पहले माया सिंह (52 वर्ष) को बदमाशों ने निशाना बनाया था । कामाख्या एक्सप्रेस के एस-2 कोच में सफर के दौरान सीहोर जिले से पहले बकलत स्टेशन पर ट्रेन धीमी होने पर उनका पर्स छीना गया, जिसमें चांदी की चेन, मोबाइल और 60 हजार रुपए नकद थे । इसके अतिरिक्त डॉ. अंबेडकर नागपुर एक्सप्रेस के एसी कोच बी-4 में मुलताई जा रही एक महिला का पर्स भोपाल जंक्शन के आउटर पर छीना गया, जिसमें तीन तोला सोने का कड़ा, मोबाइल और 2,500 रुपए थे ।
