भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्यों और टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश के 107 छात्रावासों में किचन निर्माण का कार्य हर हाल में 31 मई तक पूर्ण हो जाना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में युवाओं के रोजगार और प्रशिक्षण पर जोर देते हुए श्रीमती गौर ने बताया कि ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026’ की शुरुआत 15 मई से होगी। इस योजना के तहत 4000 युवाओं को सेना, पुलिस और होमगार्ड जैसे सैन्य बलों में भर्ती के लिए निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ‘सरदार पटेल कोचिंग अध्ययन छात्रवृत्ति योजना’ की टेंडर प्रक्रिया को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश मिल सके। राज्यमंत्री ने निर्देशित किया कि चयनित 31 कन्या छात्रावासों को ‘आदर्श छात्रावास’ के रूप में विकसित करने का कार्य 30 जून तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।

विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति की समीक्षा करते हुए उन्होंने पोर्टल में बदलाव करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थी सालभर आवेदन कर सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के लिए चयनित 36 विद्यार्थियों की राशि जल्द जारी की जाए। इसके अलावा, दिल्ली में पढ़ रहे ओबीसी छात्रों के लिए ‘दिल्ली छात्रगृह योजना’ (10,000 रुपये प्रतिमाह सहायता) का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा। विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान श्रीमती गौर ने चल रहे सर्वे और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को इस समुदाय के लोगों के लिए आवास योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार, आयुक्त सौरभ कुमार सुमन और संचालक बुद्धेश वैद्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
